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Chandigarh News: यूटी पुलिस में 35 साल बाद पदोन्नति के लिए परीक्षा... 1361 में से 945 कांस्टेबल ही हुए शामिल

Mon, 07 Oct 2024 06:00 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2024 06:00 AM IST
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UT Police promotion exam after 35 years... only 945 constables out of 1361 appeared
चंडीगढ़। यूटी पुलिस में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए रविवार को करीब 35 साल बाद बी-वन (पदोन्नति परीक्षा) की लिखित परीक्षा हुई। यूटी पुलिस कुल 1361 कांस्टेबलों में से 945 जवान ही परीक्षा में शामिल हुए जबकि 416 कांस्टेबलों ने परीक्षा से किनारा कर लिया। यह परीक्षा सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइंस में हुई। बता दें कि यूटी पुलिस के कई जवानों ने महकमे के आलाधिकारियों खिलाफ कैट व हाईकोर्ट में मोर्चा खोल रखा है। परीक्षा में शामिल होने वाले जवानों का परिणाम तब तक जारी नहीं होगा, जब तक हाईकोर्ट की ओर से मामले में फैसला नहीं आ जाता। बीते रोज हाईकोर्ट ने परीक्षा पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद रविवार को इस परीक्षा का आयोजन किया गया। दरअसल, यूटी पुलिस में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल बनने के लिए तीन श्रेणियों में पदोन्नति की जाती है। इनमें 70 प्रतिशत कोटा वरिष्ठता का, 25 प्रतिशत बी-वन टेस्ट और 5 प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटे के लिए आरक्षित है। बीते करीब 35 साल से यू टी पुलिस में केवल वरिष्ठता व खेल कोटे से ही पदोन्नति दी जा रही थी लेकिन कुछ महीने पहले ही यूटी में नए महानिदेशक सुरेंद्र सिंह यादव के संज्ञान में बी-वन टेस्ट नहीं होने का मामला आया। इसके बाद डीजी ने परीक्षा के लिए कागजी कार्रवाई शुरू करवाई। इसके बाद कांस्टेबलों से परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन भी करवाया गया। बाकायदा पुलिस मुख्यालय की ओर से परीक्षा के लिए 1272 जवानों की सूची भी जारी की गई लेकिन वर्ष वर्ष 2005, 2008 और 2009 बैच के कांस्टेबल जवानों ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया और अपने ही महकमे के खिलाफ कैट में याचिका दायर कर परीक्षा पर रोक लगाने की गुहार लगा दी। बीते वीरवार को कैट ने इन जवानों को कोई राहत न देते हुए परीक्षा पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद ये जवान अगले दिन शुक्रवार को हाईकोर्ट की शरण में जा पहुंचे लेकिन उच्च न्यायालय ने भी परीक्षा पर रोक नहीं लगाई। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि वह परीक्षा नहीं रोक सकते लेकिन जब तक उनका पूरा पक्ष नहीं सुना जाता, तब तक इसका रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट ने परीक्षा का रिजल्ट आउट करने पर रोक के आदेश जारी किए।
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