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सीएचबी के खिलाफ अब हाईकोर्ट जाएगी यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी
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चंडीगढ़। दो महीने का समय बीतने के बावजूद अब तक चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने यूटी कर्मचारियों को मकान देने के लिए सभी वर्गों के फ्लैट्स की कीमत नए सिरे से तय नहीं कर सका है। इस काम में हो रही देरी को लेकर यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी ने सीएचबी के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी कर ली है।
बीते दिनों एसोसिएशन ने प्रशासक के सलाहकार और हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनोज परिदा से भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेल्फेयर सोसायटी के महासचिव डॉ. धर्मेंद्र ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के तहत केंद्रीय गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के साथ याचिकाकर्ताओं की 19 अगस्त को बैठक हुई थी। इसमें यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों के सामने प्रशासन की तरफ से 11 मंजिला, 5 मंजिला फ्लैट्स या फिर केवल स्ट्रक्चर बनाकर देने जैसे तीन विकल्प रखे गए। इस पर केंद्रीय गृह सचिव ने सीएचबी के अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि वह सभी विकल्पों में जल्द से जल्द फ्लैटों के दाम इंप्लाइज को बताए जाएं, ताकि ये आपस में विचार करके कुछ निर्णय ले सकें। प्रशासन ने इसके लिए 10 दिन का समय मांगा। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि अब दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक सीएचबी मकान की कीमत को तय नहीं कर पाया है। इसके लिए उन्होंने पहले प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को पत्र लिखा लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होता देख, अब हाईकोर्ट का रुख करने की योजना बनाई है।
हाईकोर्ट में 2 दिसंबर को सुनवाई, इसलिए बोर्ड कर रहा देरी : एसोसिएशन
यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों ने बताया कि हाईकोर्ट में एक सितंबर को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन उसे दो दिसंबर के लिए स्थगित कर दी गई है। यही कारण है कि हाउसिंग बोर्ड भी काम में देरी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार 11 मंजिला मकानों की गणना में ए कैटेगरी के एक फ्लैट की कीमत जो 1.76 करोड़ रुपये थी, वो अब 1.60 के लगभग की गई है। इसी तरह बी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 1.35 करोड़ बताई गई थी अब 1.24 करोड़, सी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 99 लाख रुपये बताई गई थी वो 75 लाख के लगभग और डी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 58 लाख रुपये बताई गई थी वो अब 40 लाख के करीब बन रही है। सीएचबी के अधिकारी अभी पांच मंजिला फ्लैटों की कीमत तय नहीं कर पाए हैं।
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बीते दिनों एसोसिएशन ने प्रशासक के सलाहकार और हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनोज परिदा से भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेल्फेयर सोसायटी के महासचिव डॉ. धर्मेंद्र ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के तहत केंद्रीय गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के साथ याचिकाकर्ताओं की 19 अगस्त को बैठक हुई थी। इसमें यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों के सामने प्रशासन की तरफ से 11 मंजिला, 5 मंजिला फ्लैट्स या फिर केवल स्ट्रक्चर बनाकर देने जैसे तीन विकल्प रखे गए। इस पर केंद्रीय गृह सचिव ने सीएचबी के अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि वह सभी विकल्पों में जल्द से जल्द फ्लैटों के दाम इंप्लाइज को बताए जाएं, ताकि ये आपस में विचार करके कुछ निर्णय ले सकें। प्रशासन ने इसके लिए 10 दिन का समय मांगा। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि अब दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक सीएचबी मकान की कीमत को तय नहीं कर पाया है। इसके लिए उन्होंने पहले प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को पत्र लिखा लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होता देख, अब हाईकोर्ट का रुख करने की योजना बनाई है।
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हाईकोर्ट में 2 दिसंबर को सुनवाई, इसलिए बोर्ड कर रहा देरी : एसोसिएशन
यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों ने बताया कि हाईकोर्ट में एक सितंबर को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन उसे दो दिसंबर के लिए स्थगित कर दी गई है। यही कारण है कि हाउसिंग बोर्ड भी काम में देरी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार 11 मंजिला मकानों की गणना में ए कैटेगरी के एक फ्लैट की कीमत जो 1.76 करोड़ रुपये थी, वो अब 1.60 के लगभग की गई है। इसी तरह बी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 1.35 करोड़ बताई गई थी अब 1.24 करोड़, सी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 99 लाख रुपये बताई गई थी वो 75 लाख के लगभग और डी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 58 लाख रुपये बताई गई थी वो अब 40 लाख के करीब बन रही है। सीएचबी के अधिकारी अभी पांच मंजिला फ्लैटों की कीमत तय नहीं कर पाए हैं।
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