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क्या शहर से दूरी बना रहे हैं यूटी प्रशासक!

Sun, 01 Jun 2014 12:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 01 Jun 2014 12:50 PM IST
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UT Administrator Shivraj Patil Public Session

यूटी के प्रशासक शिवराज पाटिल का शहर से मोह भंग हो रहा है। केंद्र में नई सरकार आने के बाद यूपीए के कार्यकाल में नियुक्त राज्यपालों को बदले जाने की चर्चा के बाद अब पाटिल की जगह चंडीगढ़ के नए प्रशासक के आने की चर्चाएं भी तेज हैं।

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सूत्रों का कहना है कि यही वजह है कि पाटिल अब शहर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में शरीक नहीं हो रहे हैं और जन सुनवाई सत्र आयोजित न होना भी एक कारण हो सकता है।
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लगभग पांच महीने से पाटिल ने जन सुनवाई सत्र में लोगों की समस्याओं को नहीं सुना है। वहीं आईटी विभाग के पास 35 से ज्यादा लोगों की शिकायतें पहुंच चुकी हैं। अब इस सोमवार 2 जून को यूटी सचिवालय में आयोजित होने वाला जन सुनवाई सत्र को भी रद्द कर दिया गया है।
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प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि यह कहना मुश्किल है कि पाटिल का जन सुनवाई सत्र अब लगेगा या नहीं? ऐसे में अगर इस माह भी पाटिल लोगों की शिकायतों को नहीं सुनते हैं तो शहर के लोगों को अब अपनी शिकायतों के समाधान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।  

शहर के लोगों की समस्याओं के लिए जन सुनवाई सत्र आयोजित करने का सिलसिला पूर्व प्रशासक डॉ.एसएफ रोड्रिग्स ने शुरू किया था जिसे पाटिल ने जारी रखा। जन सुनवाई सत्र पहले और तीसरे सोमवार को ही लगता है। हालांकि अगर पाटिल चाहें तो किसी और सोमवार को भी सत्र का आयोजन हो सकता है।


आठ महीने में सिर्फ दो बार सुनीं समस्याएं:
- इससे पहले पाटिल का जन सुनवाई सत्र 6 जनवरी को हुआ था।
- उसके बाद 20 जनवरी को नहीं हो पाया।
- फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में एक भी सत्र नहीं हुआ।
 - पिछले साल नवंबर और दिसंबर में भी सत्र नहीं आयोजित हुए थे। यानी पिछले आठ महीने में पाटिल के सिर्फ दो ही जन सुनवाई सत्र हुए हैं जबकि 16 होने चाहिए थे।

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