फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   UT administration fears boycott of electricity employees, demands 113 employees from Haryana

बिजली विभाग का निजीकरण: यूटी प्रशासन को डर-कर्मचारी विरोध में छोड़ेंगे ड्यूटी... हरियाणा से मांगे 113 कर्मचारी

Wed, 29 Jan 2025 02:08 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 29 Jan 2025 02:08 AM IST
सार

चंडीगढ़ के बिजली विभाग में करीब 1100 कर्मी हैं। इसमें रेगुलर करीब 550 और बाकी आउटसोर्स पर हैं। विभाग के कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह निजीकरण के बाद कार्यों का बहिष्कार कर देंगे, इसलिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।

विज्ञापन
UT administration fears boycott of electricity employees, demands 113 employees from Haryana
बिजली विभाग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ प्रशासन के बिजली विभाग के निजीकरण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। चंडीगढ़ प्रशासन को आशंका है कि कर्मचारी विरोध में ड्यूटी छोड़ सकते हैं। 

विज्ञापन


इससे बचने के लिए प्रशासन ने हरियाणा बिजली विभाग और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम से 113 तकनीकी कर्मचारियों की मांग की है। इनमें लाइनमैन, जूनियर इंजीनियर, सब-स्टेशन अटेंडेंट और ड्राइवर शामिल हैं। ये कर्मचारी बुधवार को ही चंडीगढ़ पहुंच सकते हैं।
विज्ञापन


यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग सचिव ने कर्मचारियों के लिए हरियाणा बिजली विभाग और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को पत्र भेजा है। इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बिजली विंग को एमिनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड को सौंपा जा रहा है और इस प्रक्रिया के बाद कर्मचारी अपनी ड्यूटी का बहिष्कार कर सकते हैं। ऐसे में 29 जनवरी से 7 फरवरी के बीच बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए तकनीकी स्टाफ की तैनाती जरूरी होगी। सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान बिजली विभाग को एमिनेंट कंपनी को सौंपने की तैयारी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग के कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह निजीकरण के बाद कार्यों का बहिष्कार कर देंगे, इसलिए प्रशासन ने पहले ही एहतियातन कदम उठाते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग कर दी है। प्रशासन ने 113 तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती का अनुरोध किया है। प्रशासन ने अधीक्षण अभियंता (एसई) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा एस्मा लागू फिर भी प्रदर्शन पर कर्मचारी

कर्मचारियों के प्रदर्शन को दबाने के लिए प्रशासन ने हाल ही में हरियाणा एसेंशियल सर्विस (मेंटेनेंस) एक्ट-1974 को लागू किया था। प्रशासन ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी अनुशासनहीनता से दूर रहने की कड़ी हिदायत दी है और कार्रवाई की चेतावनी दी है। बावजूद इसके, विभाग के कर्मचारी छुट्टी के बाद रोज प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके साथ शहर के लोग भी जुड़ रहे हैं। 

कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन को सबसे पहले ट्रांसफर स्कीम की अधिसूचना जारी करनी थी, जिसमें कर्मचारियों के सर्विस से जुड़े सभी नियम व शर्तें होंगी। प्रशासन ने यूनियन को भी वादा किया था कि पहले ट्रांसफर स्कीम बनाएंगे, उसके बाद काम आगे बढ़ाएंगे लेकिन 22 नवंबर को कंपनी को एलओआई जारी कर दिया, जिसे 31 जनवरी तक का एक्सटेंशन दिया और इसी बीच चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड का भी गठन कर दिया।

एमिनेंट ने 871 करोड़ की लगाई है बोली, विभाग में हैं करीब 1100 कर्मी

बिजली विभाग में करीब 1100 कर्मी हैं। इसमें रेगुलर करीब 550 और बाकी आउटसोर्स पर हैं। विभाग को खरीदने के लिए एमिनेंट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने 871 करोड़ की बोली लगाई थी, जिसे मई 2022 में केंद्रीय कैबिनेट की ओर से 871 करोड़ में आखिरी मंजूरी दे दी गई। प्रशासन ने पांच साल पहले निजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। विभाग को खरीदने की दौड़ में कुल सात कंपनियां थीं। इनमें एमिनेंट के अलावा अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड, टाटा पावर, टोरेंट पावर, स्टरलाइट पावर, रिन्यू विंड एनर्जी और एनटीपीसी इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी लिमिटेड शामिल थीं।

आवश्यक कर्मचारियों की सूची

पद                                संख्या
असिस्टेंट लाइनमैन          55
लाइनमैन                       23
सब स्टेशन अटेंडेंट           16
जूनियर इंजीनियर            9
ड्राइवर                          10
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed