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डेडलाइन बीत गई, पर प्रस्ताव नहीं भेजा
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Jan 2014 01:02 PM IST
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यूटी में अगले वित्त वर्ष (2014-15) में हाउस टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजने की तीन महीने की डेडलाइन खत्म हुए छह माह हो चुके हैं। लेकिन, अभी तक नगर निगम ने संशोधित प्रस्ताव नहीं भेजा है।
नगर निगम ने कुछ माह पहले प्रशासन से जो मोहलत मांगी थी वह भी खत्म हो गई है। अब प्रशासन नगर निगम से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेगा कि प्रशासन को संशोधित प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा है।
उधर, नगर निगम एक बार फिर से प्रशासन से कुछ दिन की और मोहलत मांगने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में जल्द ही सदन में प्रस्ताव भी लाया जाएगा।
नगर निगम जहां शहर में प्रापर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव सदन से मंजूर करा कर प्रशासन को भेजने में देरी कर रहा है, वहीं प्रशासन लगातार नगर निगम पर यह दबाव बना रहा है कि वह अगले वित्त वर्ष के लिए संशोधित टैक्स का प्रस्ताव बनाकर भेजे।
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प्रशासन ने पिछले महीने भी नगर निगम को संशोधित हाउस टैक्स का प्रस्ताव हाउस टैक्स कमेटी के समक्ष रखने को कहा था। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।
लोकसभा चुनाव के बाद अधिसूचना जारी होने की उम्मीद
नगर निगम की देरी के कारण अब लोकसभा चुनाव के बाद ही प्रशासन वर्ष 2014-15 के लिए बढ़े हुए हाउस टैक्स की अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव घोषित होने के बाद आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों का दबाव है कि चुनाव आचार संहिता के लागू होने से पहले नगर निगम में हाउस टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव न आए।
ऐसे में उम्मीद यही है कि लोक सभा चुनाव के बाद जून या जुलाई में हाउस टैक्स में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी होगी। हालांकि यह प्रभावी 1 अप्रैल, 2014 से ही होगा।
नगर निगम ने तीन माह का मांगा था समय
ध्यान रहे कि जुलाई, 2013 में जब प्रशासन ने वर्ष 2013-14 के लिए हाउस टैक्स की अधिसूचना जारी की थी तभी नगर निगम को तीन महीने के अंदर अगले वित्त वर्ष के लिए हाउस टैक्स में बढ़ोतरी कर इसे प्रशासन को भेजने के लिए कहा गया था।
छह महीने के बाद भी नगर निगम ने प्रशासन को संशोधित हाउस टैक्स का प्रस्ताव नहीं भेजा और प्रशासन से कुछ समय और मांग लिया था। इस संबंध में चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि नगर निगम ने प्रशासन से संशोधित हाउस टैक्स का प्रस्ताव भेजने के लिए कुछ समय और मांगा था।
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नगर निगम ने कुछ माह पहले प्रशासन से जो मोहलत मांगी थी वह भी खत्म हो गई है। अब प्रशासन नगर निगम से इस संबंध में रिपोर्ट मांगेगा कि प्रशासन को संशोधित प्रस्ताव क्यों नहीं भेजा है।
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उधर, नगर निगम एक बार फिर से प्रशासन से कुछ दिन की और मोहलत मांगने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में जल्द ही सदन में प्रस्ताव भी लाया जाएगा।
नगर निगम जहां शहर में प्रापर्टी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव सदन से मंजूर करा कर प्रशासन को भेजने में देरी कर रहा है, वहीं प्रशासन लगातार नगर निगम पर यह दबाव बना रहा है कि वह अगले वित्त वर्ष के लिए संशोधित टैक्स का प्रस्ताव बनाकर भेजे।
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प्रशासन ने पिछले महीने भी नगर निगम को संशोधित हाउस टैक्स का प्रस्ताव हाउस टैक्स कमेटी के समक्ष रखने को कहा था। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।
लोकसभा चुनाव के बाद अधिसूचना जारी होने की उम्मीद
नगर निगम की देरी के कारण अब लोकसभा चुनाव के बाद ही प्रशासन वर्ष 2014-15 के लिए बढ़े हुए हाउस टैक्स की अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।
फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव घोषित होने के बाद आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों का दबाव है कि चुनाव आचार संहिता के लागू होने से पहले नगर निगम में हाउस टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव न आए।
ऐसे में उम्मीद यही है कि लोक सभा चुनाव के बाद जून या जुलाई में हाउस टैक्स में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी होगी। हालांकि यह प्रभावी 1 अप्रैल, 2014 से ही होगा।
नगर निगम ने तीन माह का मांगा था समय
ध्यान रहे कि जुलाई, 2013 में जब प्रशासन ने वर्ष 2013-14 के लिए हाउस टैक्स की अधिसूचना जारी की थी तभी नगर निगम को तीन महीने के अंदर अगले वित्त वर्ष के लिए हाउस टैक्स में बढ़ोतरी कर इसे प्रशासन को भेजने के लिए कहा गया था।
छह महीने के बाद भी नगर निगम ने प्रशासन को संशोधित हाउस टैक्स का प्रस्ताव नहीं भेजा और प्रशासन से कुछ समय और मांग लिया था। इस संबंध में चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि नगर निगम ने प्रशासन से संशोधित हाउस टैक्स का प्रस्ताव भेजने के लिए कुछ समय और मांगा था।