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यूटी प्रशासन को केंद्र सरकार की ना, जानिए क्यों
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Dec 2013 11:48 AM IST
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केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने यूटी प्रशासन को झटका देते हुए नए पदों के सृजन संबंधी सभी प्रस्तावों को वापस भेज दिए हैं। इसके तहत प्लान और नॉन प्लान के तहत सभी नए पदों के सृजन पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही एमएचए ने नए वाहनों की खरीद पर भी रोक लगा दी है। एमएचए इससे पहले प्रशासन को पांच सितारा होटलों में किसी तरह की बैठक या सम्मेलन आयोजित करने पर रोक लगा चुका है।
नए वाहनों की खरीद के लिए प्रशासन के वित्त विभाग के पास भेजा गया प्रस्ताव लटक गया है। प्रशासन ने सचिवालय में स्टाल की कमी को देखते हुए लगभग 80 नए पदों को सृजत करने का प्रस्ताव एमएचए को भेजा था। प्रशासन में जितने कर्मचारी रिटायर हुए हैं उस हिसाब से नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
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प्रशासन ने लगभग चार महीने पहले एमएचए को पत्र भेजकर अंडर-सेक्रेटरी स्तर के करीब 15 नए पद सृजित करने की मांग की थी। इससे जहां पीए या सुपरिंटेंडेंट पद पर कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाता।
वहीं, अधिकारियों को सपोर्टिंग स्टाफ भी मिल जाता और सचिवालय के कामकाज में सुधार आता। प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने एमएचए को भेजे पत्र में दलील दी थी कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंडर सेक्रेटरी या अपर सेक्रेटरी के पद पहले से ही हैं और चंडीगढ़ को भी ये पद मिलने चाहिए। मगर एमएचए ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
एमएचए के संयुक्त सचिव (यूटी) आईएस चहल की ओर से प्रशासन को इस संबंध में भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में इस संबंध में जितने भी प्रस्ताव भेजे हैं, उन्हें इस आदेश के साथ ही वापस भेज दिया गया है।
इस पत्र में चहल ने प्रशासन से खर्चों में कटौती करने की बात भी कही है। एमएचए के इस निर्देश के कारण ही इस साल आईटी कंक्लेव पिछले साल की तरह होटल माउंटव्यू में न होकर सीआईआई में आयोजित हुआ था।
मोयर की होंडा सिटी भी अटकी
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हाल ही में अधिकारियों के लिए नई कारें खरीदी गईं। प्रशासन के अधिकारियों के लिए अब अंबेसडर की जगह मारुति एसएक्स-4 कार खरीदी जा रही है। इसके साथ ही इनोवा व बोलेरो भी खरीदी गई है।
हाल ही में नगर निगम की ओर से प्रशासन के पास होंडा सिटी और इनोवा कारों को खरीदने का प्रस्ताव भेजा गया है। होंडा सिटी कार मेयर और नगर निगम आयुक्त के लिए ली जानी है, जबकि इनोवा कार नगर निगम के संयुक्त आयुक्त के लिए खरीदी जानी है।
मेयर के पास अभी करोला कार है जो कि पुरानी हो चुकी है। नगर निगम आयुक्त और संयुक्त आयुक्त अंबेसडर कारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एमएचए के निर्देश के बाद अब नगर निगम के अधिकारियों के लिए नई कारों को खरीदने का प्रस्ताव लटक गया है।
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इसके साथ ही एमएचए ने नए वाहनों की खरीद पर भी रोक लगा दी है। एमएचए इससे पहले प्रशासन को पांच सितारा होटलों में किसी तरह की बैठक या सम्मेलन आयोजित करने पर रोक लगा चुका है।
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नए वाहनों की खरीद के लिए प्रशासन के वित्त विभाग के पास भेजा गया प्रस्ताव लटक गया है। प्रशासन ने सचिवालय में स्टाल की कमी को देखते हुए लगभग 80 नए पदों को सृजत करने का प्रस्ताव एमएचए को भेजा था। प्रशासन में जितने कर्मचारी रिटायर हुए हैं उस हिसाब से नई नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
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प्रशासन ने लगभग चार महीने पहले एमएचए को पत्र भेजकर अंडर-सेक्रेटरी स्तर के करीब 15 नए पद सृजित करने की मांग की थी। इससे जहां पीए या सुपरिंटेंडेंट पद पर कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति का रास्ता साफ हो जाता।
वहीं, अधिकारियों को सपोर्टिंग स्टाफ भी मिल जाता और सचिवालय के कामकाज में सुधार आता। प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने एमएचए को भेजे पत्र में दलील दी थी कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंडर सेक्रेटरी या अपर सेक्रेटरी के पद पहले से ही हैं और चंडीगढ़ को भी ये पद मिलने चाहिए। मगर एमएचए ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
एमएचए के संयुक्त सचिव (यूटी) आईएस चहल की ओर से प्रशासन को इस संबंध में भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों में इस संबंध में जितने भी प्रस्ताव भेजे हैं, उन्हें इस आदेश के साथ ही वापस भेज दिया गया है।
इस पत्र में चहल ने प्रशासन से खर्चों में कटौती करने की बात भी कही है। एमएचए के इस निर्देश के कारण ही इस साल आईटी कंक्लेव पिछले साल की तरह होटल माउंटव्यू में न होकर सीआईआई में आयोजित हुआ था।
मोयर की होंडा सिटी भी अटकी
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से हाल ही में अधिकारियों के लिए नई कारें खरीदी गईं। प्रशासन के अधिकारियों के लिए अब अंबेसडर की जगह मारुति एसएक्स-4 कार खरीदी जा रही है। इसके साथ ही इनोवा व बोलेरो भी खरीदी गई है।
हाल ही में नगर निगम की ओर से प्रशासन के पास होंडा सिटी और इनोवा कारों को खरीदने का प्रस्ताव भेजा गया है। होंडा सिटी कार मेयर और नगर निगम आयुक्त के लिए ली जानी है, जबकि इनोवा कार नगर निगम के संयुक्त आयुक्त के लिए खरीदी जानी है।
मेयर के पास अभी करोला कार है जो कि पुरानी हो चुकी है। नगर निगम आयुक्त और संयुक्त आयुक्त अंबेसडर कारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। एमएचए के निर्देश के बाद अब नगर निगम के अधिकारियों के लिए नई कारों को खरीदने का प्रस्ताव लटक गया है।