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यूटी प्रशासन और विभागों में समय पर नहीं मिलते 'साहब'
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चंडीगढ़। अफसरों से जनता की मुलाकात के लिए प्रशासन ने हफ्ते में तीन दिन 12 से एक बजे तक का समय तय किया है, लेकिन अफसर इस बीच कुर्सी पर ही नहीं मिलते। बहाना होता है कि साहब किसी काम से बाहर गए हैं, बैठक चल रही है या अंदर कोई बैठा है, इंतजार कीजिए। इस वजह से लोग बाहर बैठे इंतजार करते रहते हैं।
कार्मिक विभाग ने बीते दिनों दोपहर 12 बजे से एक बजे (बुधवार और शुक्रवार को छोड़कर) के बीच कोई भी बैठक नहीं रखने और इस समय सिर्फ लोगों से मिलने के आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके अधिकारी लोगों को समय नहीं दे रहे। प्रशासन में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों से लेकर एस्टेट ऑफिस व संबंधित अन्य विभागों में भी यही समस्या है। बता दें कि अफसरों से मिलने के लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट या फिर वैक्सीन की एक डोज का लगवाना अनिवार्य है। इसके बिना यूटी सचिवालय में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने पर अभी भी हफ्तों नहीं मिलता जवाब
चंडीगढ़ में किसी वरिष्ठ अधिकारी से मिलना आम आदमी के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। अगर कोई विजिटर पास लेकर किसी बड़े अधिकारी के दफ्तर पहुंच जाता है तो अधिकारी के खाली रहने पर भी कह दिया जाता है कि पहले अप्वाइंटमेंट लेकर आएं। इसके लिए स्वागतम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने को कहा जाता है लेकिन पोर्टल पर आवेदन के हफ्तों तक जवाब ही नहीं मिलता। कई बार तो बिना कारण दिए ही आवेदन रद्द कर दिया जाता है। कई बार अधिकारी से बिना मिले ही आवेदन पूरा दिखा दिया जाता है। अफसरों की इस कार्यशैली से लोग बहुत परेशान हैं।
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कार्मिक विभाग ने बीते दिनों दोपहर 12 बजे से एक बजे (बुधवार और शुक्रवार को छोड़कर) के बीच कोई भी बैठक नहीं रखने और इस समय सिर्फ लोगों से मिलने के आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके अधिकारी लोगों को समय नहीं दे रहे। प्रशासन में उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों से लेकर एस्टेट ऑफिस व संबंधित अन्य विभागों में भी यही समस्या है। बता दें कि अफसरों से मिलने के लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट या फिर वैक्सीन की एक डोज का लगवाना अनिवार्य है। इसके बिना यूटी सचिवालय में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
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ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने पर अभी भी हफ्तों नहीं मिलता जवाब
चंडीगढ़ में किसी वरिष्ठ अधिकारी से मिलना आम आदमी के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। अगर कोई विजिटर पास लेकर किसी बड़े अधिकारी के दफ्तर पहुंच जाता है तो अधिकारी के खाली रहने पर भी कह दिया जाता है कि पहले अप्वाइंटमेंट लेकर आएं। इसके लिए स्वागतम पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने को कहा जाता है लेकिन पोर्टल पर आवेदन के हफ्तों तक जवाब ही नहीं मिलता। कई बार तो बिना कारण दिए ही आवेदन रद्द कर दिया जाता है। कई बार अधिकारी से बिना मिले ही आवेदन पूरा दिखा दिया जाता है। अफसरों की इस कार्यशैली से लोग बहुत परेशान हैं।
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