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Haryana: हरियाणा में अब बिना NDC होगी कृषि भूमि की रजिस्ट्री, शहरों में लोग खाली प्लॉट भी बेच सकेंगे

Thu, 13 Jun 2024 02:08 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 13 Jun 2024 02:08 PM IST
सार

हरियाणा सरकार ने पहले शहरी क्षेत्र में 1 हेक्टेयर से कम 2 कनाल तक की रजिस्ट्री का प्रावधान किया था। हालांकि, इसको लेकर लगातार सरकार के पास शिकायतें आ रही थीं और कृषि भूमि की रजिस्ट्री खोलने की मांग उठ रही थी। साथ ही भूखंडों को छोटे करने की भी लगातार मांग आ रही थी।

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Urban Bodies Minister Subhash Sudha press conference no objection certificate for agricultural land in Haryana
सुभाष सुधा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनावों में शहरी मतदाताओं की नाराजगी झेल चुकी हरियाणा सरकार ने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले 10 लाख लोगों को 10 बड़ी राहतें प्रदान की हैं। 

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शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त के लिए अब एनडीसी (नो-ड्यूज सर्टिफिकेट) लेने की जरूरत नहीं है। कृषि भूमि मालिक बिना एनडीसी के सीधे तहसील में जाकर रजिस्ट्री करवा सकेंगे। इतना ही नहीं सरकार ने इसकी कोई लिमिट भी तय नहीं की है। एक एकड़ से लेकर जितनी भी भूमि है, उसे बिना कोई प्राॅपर्टी टैक्स और विकास शुल्क दिए रजिस्ट्री हो सकेगी। इसके साथ ही निकाय क्षेत्रों की कॉलोनियों में खाली पड़े प्लाॅटों को बेचने के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है। पहले इनकी बिक्री पर रोक लगी थी। इसके लिए प्रार्थी को प्रॉपर्टी टैक्स व अन्य बकाया शुल्क आदि जमा करने के बाद नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। इसी आधार पर वह रजिस्ट्री भी करा सकेंगे। लाल डोरा में भू-मालिक केवल स्वयं सत्यापित शपथ-पत्र देकर रजिस्ट्री करा सकेंगे। उन्हें भी इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
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इन तमाम फैसलों का एलान शहरी स्थानीय निकाय राज्य मंत्री सुभाष ने किया। वीरवार को प्रेसवार्ता कर उन्होंने कहा कि इन तमाम फैसलों पर मुख्यमंत्री नायब सैनी की मुहर लग चुकी है। सीएम के साथ तीन दिन तक हुई बैठकों के बाद ही ये निर्णय लिए गए हैं। सुधा ने दावा किया कि इन फैसलों से 29,94,072 प्रापर्टी आईडी से जुड़े लोग व इनके मालिकों को लाभ मिलेगा।
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ये हैं अहम फैसले
-शहरी क्षेत्र में कृषि भूमि के लिए एनडीसी की जरूरत नहीं। प्रदेश में इस तरह की कुल 2,52,000 संपत्तियां हैं।
-खाली प्लॉट बेच सकेंगे। इससे 4,30,000 संपत्तियों के धारकों को लाभ मिलेगा।
-लाल डोरा के अंदर भूमि मालिक स्वयं प्रमाणित करके जमीन की रजिस्ट्री करा सकेगा। इससे 6,85,000 संपत्तियों को लाभ मिलेगा।
-1,17,705 प्रॉपर्टी पर आपत्ति लगाने की वजह से लोग राशि जमा नहीं कर पा रहे थे, उन्हें अब राशि जमा करने की सुविधा प्रदान कर दी गई है।
-1000 और 500 गज भूमि को टुकड़ों में करके बेच सकेंगे। 100 गज से नीचे भूमि के नहीं हो सकेंगे भूखंड।
-जल्द ही एक काॅमन पोर्टल लांच किया जाएगा, जिस पर किसी भी निकाय संस्था की सेवा ली जा सकेगी और शिकायत की जा सकेगी।

433 कॉलोनियां वैध होने से 13 लाख संपत्तियां बिक सकेंगीं
प्रदेश में 741 अवैध काॅलोनियों को नियमित किया जा चुका है। इससे सभी 1,71,368 संपत्तियों को बेचने अधिकार मिला है। इसके अतिरिक्त, बची हुई 433 काॅलोनियों को नियमित करने का कार्य 30 जून तक पूरा कर दिया जाएगा। सरकार ने 705 छोटे क्षेत्रों (पैचेस, खसरा नंबर) को नियमित किया है और ऐसे बचे हुए लगभग 1200 क्षेत्रों जो सरकारी भूमि पर, वन क्षेत्रों, ग्रीन बेल्ट और रोड की भूमि पर होगे उन्हें छोड़कर बाकी को 30 जून तक अधिकृत कर दिया जाएगा। इससे कुल 13 लाख 38 हजार संपत्तियों को लाभ मिलेगा।


अब घर बैठे ही निकायों के पोटर्ल पर दर्ज होगा रजिस्ट्री विवरण
निकाय विभाग ने शहरवासियों को निकायों में संपत्तियों के पंजीकरण कराने के झंझट से मुक्ति दिलाने का फैसला लिया है। अब शहरी क्षेत्र में प्लाॅट की रजिस्ट्री होने के बाद भू-मालिकों को उसे पंजीकरण कराने के लिए निकायों का धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। घर बैठे ही एचएसवीपी और एचएसएआईआईडीसी की तर्ज पर तहसील में किसी भी प्रकार की संपत्ति की रजिस्ट्री होने पर सीधा विवरण निकायों के पोर्टल पर अपलोड होगा।

वसीयत के मामलों में भी राहत 30 दिन के नोटिस के बाद हो सकेगी ट्रांसफर
मृत्यु के केस में वसीयत व बिना वसीयत के आधार पर या किसी अन्य कारण से संपत्ति मालिक को संपत्ति ट्रांसफर करने में आने वाली दिक्कतें भी सरकार ने दूर कर दी हैं। अब नगर निकाय उनके आवेदन पर 30 दिन का नोटिस जारी करके उत्तराधिकारियों का निर्णय लेकर ट्रांसफर करने की अनुमति प्रदान कर देगा। ऐसा करने से लोगों को इंतजार नहीं करना होगा और उनको संपत्ति का अधिकार तुरंत प्राप्त हो जाएगा।

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