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UPSC result: किसान के बेटे का यूपीएससी में चयन, नौकरी छोड़ की तैयारी, हासिल की 232वीं रैंक
Tue, 04 Aug 2020 10:30 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 04 Aug 2020 10:30 PM IST
सार
- भारत पेट्रोलियम कंपनी की नौकरी छोड़कर पाई सफलता
- घर पर रहकर रोजना 13 से 14 घंटे तक करते थे पढ़ाई
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रिंकू का मुंह मीठा करवाते हुए पिता सुरेश लाठर व मां कृष्णा लाठर।
विस्तार
यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) में जींद जुलाना के वार्ड नंबर एक निवासी रिंकू लाठर का चयन हुआ है। उन्हें 232वीं रैंक मिली है। रिंकू के प्रदर्शन से परिवार में खुशी का माहौल है। रिंकू ने कहा कि चौथी बार में उसने यह परीक्षा पास की है। इससे पहले वह उदयपुर स्थित भारत पेट्रोलियम कंपनी में एक्जीक्यूटिव ऑफिसर रहते हुए 2016 में पहली बार परीक्षा दी थी। उसके साथ 2017 व 2018 में भी परीक्षा दी लेकिन नौकरी के दौरान पढ़ाई के लिए समय नहीं निकाल पाने के कारण वह परीक्षा में पास नहीं हो पाया था। इसके बाद 2018 में उसने नौकरी छोड़ दी और घर पर रहकर ही दिन में 13 से 14 घंटे पढ़ाई करते हुए यह मुकाम हासिल किया।
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रिंकू ने 2015 से लेकर 2018 तक उदयपुर में भारत पेट्रोलियम कंपनी में नौकरी की थी लेकिन नौकरी के दौरान पढ़ाई के लिए केवल दिन में पांच से छह घंटे ही समय मिल पाता था। इसके बाद उसने नौकरी छोड़कर लगातार दो साल तक घर पर ही रहकर पढ़ाई जारी रखी और सफलता हासिल की।
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रिंकू ने बताया कि 2018 में सीएटीएफ में 25वीं रैंक हासिल की थी। असिस्टेंट कमांटेड के रूप में उसे नियुक्ति का इंतजार था। अभी उसे ज्वाइनिंग का पत्र नहीं मिला। इस बीच रिंकू ने कड़ी मेहनत करके यूपीएससी में 232वीं रैंक हासिल की है।
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रिंकू को बधाई देने पहुंचे मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन विष्णु दत्त शर्मा।
किसान के बेटे ने पाया मुकाम
रिंकू के पिता सुरेश लाठर खेती करते हैं और मां कृष्णा लाठर गृहिणी हैं। रिंकू के बड़े भाई नेवी में सेलर के पद पर कोच्ची में कार्यरत हैं। वहीं रिंकू की बड़ी बहन कविता शादीशुदा हैं। रिंकू ने कहा कि परिवार ने हमेशा ही पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया है। रिंकू ने कहा कि परिवार के सहयोग के बिना यह मुकाम पाना मुश्किल था।
युवाओं के लिए रिंकू का संदेश
रिंकू ने कहा कि युवाओं को सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत व अनुशासन बहुत जरूरी है। यह दो मूल मंत्र वह युवाओं को देना चाहता है। रिंकू ने कहा कि मेहनत और अनुशासन के बिना मुकाम नहीं हासिल किया जा सकता है। युवा जितनी जल्दी इसे अपने जीवन में अपना लेंगे उनको उतना ही फायदा होगा।