जब भतीजी से बोलीं सुषमा- हमारे लिए पहले मरीज, बाद में पाकिस्तान, पढ़ें दिलचस्प किस्सा
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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नहीं, आज भी वे मेरे लिए बाला बुआ हैं। एक दोस्त की तरह घुल मिल जाने वालीं। जब मैं तीसरी कक्षा में पढ़ती थी, तब से उनके साथ लगाव रहा। जब मैं ट्वीट पर हेल्प मांगने वाले पाकिस्तानियों के बारे में बुआ से पूछती थी तो वे कहती थीं कि उर्मिल ये पाकिस्तानी बाद में, मेरे लिए पहले मरीज हैं।
अमर उजाला से बातचीत करते हुए रोहतक की सनसिटी में रहने वाली डॉक्टर उर्मिल ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से जुड़ी यादें साझा की। डॉ उर्मिल नारनौल की रहने वाली हैं। उनके पिता राधेश्याम शर्मा निवाज नगर गांव के सरपंच रहे हैं। 10वीं के बाद सुषमा के कहने पर पिता ने उर्मिल को वनस्थली राजस्थान में पढ़ने भेज दिया।
पढ़ाई के बाद उर्मिल की रोहतक के अजायब गांव निवासी डॉक्टर सतीश से शादी हुई। डॉक्टर सतीश का परिवार पहले प्रेम नगर और अब इंद्र प्रस्थ कॉलोनी में रह रहा है। जबकि एक माह पहले ही डॉक्टर सतीश अपने परिवार के साथ सनसिटी में रहने लगे हैं। डॉक्टर उर्मिल ने बताया कि वे उदयपुर में बीएड कॉलेज चलाती हैं, जिसकी वे डीन हैं।
बुआ कहती थीं कि आप राजनीति में आ जाओ। कहती थीं भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश देते हुए कहा कि कर्म करो, फल की इच्छा मत करो। उनकी प्रेरणा से समाजसेवा शुरू की। छोटी बुआ वंदना कहती हैं। अगर छोटी सुषमा स्वराज देखनी हैं तो डॉक्टर उर्मिल के घर चले जाओ।
बुआ से दिल्ली मिलने जब गई थी, जब उनकी किडनी का एम्स में प्रत्यारोपण हुआ। बुआ के मिलने के लिए ही मैं एक माह पहले रोहतक आकर रहने लगी थी, ताकि जल्दी-जल्दी उनसे मिल सकूं। मुझे क्या पता था कि इतनी जल्दी बुआ का साथ छूट जाएगा।