गेहूं के लिए वरदान और सरसों के लिए खतरा बनी बेमौसम बारिश, सब्जियों पर भी पड़ सकता असर
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हरियाणा व पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ का असर जारी है। 11 मार्च को छिटपुट बारिश के बाद बुधवार को फिर हरियाणा के विभिन्न इलाकों में छिटपुट बारिश हुई। गुरुवार को फिर से बारिश की संभावनाएं बनी हुई है। उसके बाद मौसम कुछ दिन के लिए खुल जाएगा। लेकिन इस बारिश को लेकर हरियाणा-पंजाब में किसानों की चिंताएं लगातार बनी हुई है।
हालांकि बारिश फिलहाल गेहूं की फसल के लिए तो अभी तक वरदान साबित हो रही है। लेकिन मौसम का मिजाज ओलावृष्टि में बदल गया तो गेहूं को भी भारी नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, चूंकि इस वक्त सरसों की फसल पूरी तरह पक चुकी है और इसकी कटाई का काम चल रहा है। इसलिए यह बारिश सरसों की फसल के लिए खतरनाक बनी हुई है।
इसके अलावा सब्जी उत्पादकों के लिए वैसे तो ये बारिश ठीक है लेकिन यदि खेत में पानी जमा हो गया तो सब्जियों को बर्बाद कर देगा। हरियाणा के कृषि उपनिदेशक गिरीश नागपाल ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि इस रिमझिम बारिश से गेहूं की फसल को तो नुकसान नहीं है। लेकिन सब्जियों के खेत में पानी जमा नहीं रहना चाहिए। किसानों को चाहिए कि जहां निचले खेतों में पानी जमा रहने की समस्या है, वहां एहतिहात बरतें और पानी निकासी का पुख्ता इंतजाम करें।
बारिश से आलू-सब्जियों को नुकसान
पंजाब में एक मार्च से आए दिन हो रही बारिश से आलू और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि गेहूं की फसल पर खास असर नहीं हुआ है। पंजाब में एक से बारह मार्च के बीच औसतन 4.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। तीन मार्च को 2.9 मिमी और 11 मार्च को 2.0 मिमी बारिश हुई थी। सबसे ज्यादा बारिश पटियाला, मोहाली और मोगा में दर्ज की गई है।
खेतीबाड़ी विभाग के निदेशक स्वतंत्र एरी ने कहा कि रबी की सबसे प्रमुख फसल गेहूं पर इस बारिश का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। क्योंकि बारिश बहुत ज्यादा नहीं हुई है। कुछ निचले इलाकों में जहां पानी निकल नहीं पाया, वहां पत्तों के पीलेपन की समस्या हो सकती है। बाकी कहीं से भी फसल को नुकसान की सूचना नहीं है।
वहीं, हॉर्टिकल्चर विभाग के पूर्व डायरेक्टर पुष्पिंदर औलख ने कहा कि बारिश से आलू और सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। काफी आलू काला पड़ गया है और किसी काम का नहीं रहा। पानी भरने से सब्जियां भी खराब हो गई हैं। हालांकि फलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। किन्नू समेत सभी फलों में यह फ्लॉवरिंग का मौसम है। इसलिए मामूली बारिश से उन पर कोई असर नहीं होगा।