{"_id":"5bc072e0bdec2269bb41ee02","slug":"unique-people-dussehra-2018-ramlila-by-muslim-family-in-rajpura-of-punjab","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बेमिसालः मुस्लिम परिवार के रोम-रोम में बसे श्रीराम, दो बेटे निभाते हैं किरदार, बहुएं बनाती हैं ड्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेमिसालः मुस्लिम परिवार के रोम-रोम में बसे श्रीराम, दो बेटे निभाते हैं किरदार, बहुएं बनाती हैं ड्रेस
सुदेश तनेजा, अमर उजाला, राजपुरा(पंजाब)
Updated Fri, 12 Oct 2018 03:41 PM IST
विज्ञापन
मुस्लिम परिवार के रोम-रोम में बसे श्रीराम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस मुस्लिम परिवार के जज्बे को सलाम, इनके रोम-रोम में बसे हैं श्रीराम। पूरा परिवार रामलीला का मंचन करता है, बेटे निभाते हैं किरदार, बहुएं बनाती हैं ड्रेस। ये परिवार पंजाब के राजपुरा का रहने वाला है। नाम फकीर मोहम्मद। रामलीला के मंच पर रामायण की चौपाइयों का उच्चारण ऐसा कि हिंदू विद्वान भी हैरान हो जाएं।
इतना ही नहीं फकीर मोहम्मद का पूरा कुनबा गीता भवन में होने वाली रामलीला से जुड़ा है। वह खुद मंच का संचालन करते हैं और उनका बड़ा बेटा शौकत अली लक्ष्मण और छोटा पुत्र अजय मोहम्मद भरत का किरदार निभाते हैं। पत्नी शिंद बेगम और बेटी शकीना रामलीला के कलाकारों के लिए ड्रेस और पर्दे बनाती हैं। पांच वर्ष का दोहता सैफी रामलीला में जय श्रीराम के जयकारे लगाता है और मुस्लिम टोपी पहनकर मदरसे में इस्लाम की शिक्षा लेता है।
हिंदू-मुस्लिम को मोहब्बत का पैगाम दे रहे फकीर मोहम्मद (53) का कहना है कि देश के बंटवारे का दर्द उनके परिजनों ने भी झेला है। हमारे पूर्वज श्रीराम के प्रति पूरी आस्था रखते थे। चारों तरफ दंगे फसाद होने के बाद भी हमारे पूर्वज राजपुरा छोड़कर पाकिस्तान नहीं गए, क्योंकि वह हिंदू समाज में पले बढ़े हैं, जिससे हमारी भी आस्था हिंदू देवी देवताओं की तरफ रही। बकौल फकीर मोहम्मद छोटी सी उम्र में ही रामलीला स्टेज से जुड़ गए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वह पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी करते हैं। रामलीला के दिनों में पूरे 15 दिन तक सभी काम छोड़कर केवल श्रीराम की आराधना में लीन रहते हैं। उन्होंने बताया वह जुमे की नमाज मस्जिद में व मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ने मंदिर जरूर जाते हैं। ईद के साथ दिवाली भी बहुत हर्षोल्लास से मनाते हैं। हमारा पूरा परिवार दिवाली पर पूजा अर्चना कर मां लक्ष्मी से आशीर्वाद प्राप्त करता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं फकीर मोहम्मद का पूरा कुनबा गीता भवन में होने वाली रामलीला से जुड़ा है। वह खुद मंच का संचालन करते हैं और उनका बड़ा बेटा शौकत अली लक्ष्मण और छोटा पुत्र अजय मोहम्मद भरत का किरदार निभाते हैं। पत्नी शिंद बेगम और बेटी शकीना रामलीला के कलाकारों के लिए ड्रेस और पर्दे बनाती हैं। पांच वर्ष का दोहता सैफी रामलीला में जय श्रीराम के जयकारे लगाता है और मुस्लिम टोपी पहनकर मदरसे में इस्लाम की शिक्षा लेता है।
विज्ञापन
हिंदू-मुस्लिम को मोहब्बत का पैगाम दे रहे फकीर मोहम्मद (53) का कहना है कि देश के बंटवारे का दर्द उनके परिजनों ने भी झेला है। हमारे पूर्वज श्रीराम के प्रति पूरी आस्था रखते थे। चारों तरफ दंगे फसाद होने के बाद भी हमारे पूर्वज राजपुरा छोड़कर पाकिस्तान नहीं गए, क्योंकि वह हिंदू समाज में पले बढ़े हैं, जिससे हमारी भी आस्था हिंदू देवी देवताओं की तरफ रही। बकौल फकीर मोहम्मद छोटी सी उम्र में ही रामलीला स्टेज से जुड़ गए।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वह पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी करते हैं। रामलीला के दिनों में पूरे 15 दिन तक सभी काम छोड़कर केवल श्रीराम की आराधना में लीन रहते हैं। उन्होंने बताया वह जुमे की नमाज मस्जिद में व मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ने मंदिर जरूर जाते हैं। ईद के साथ दिवाली भी बहुत हर्षोल्लास से मनाते हैं। हमारा पूरा परिवार दिवाली पर पूजा अर्चना कर मां लक्ष्मी से आशीर्वाद प्राप्त करता है।
बंसतपुरा में किया रामलीला क्लब का शुभारंभ
मुस्लिम परिवार के रोम-रोम में बसे श्रीराम
फकीर मोहम्मद का कहना कि उन्हें ठेकेदारी का टेंडर बंसतपुरा का मिल गया। काम 10 वर्षों तक लगातार चलना था। उन्होंने बंसतपुरा में नवरंग रामलीला क्लब का गठन कराकर रामलीला का आयोजन शुरू करवा दिया था। इसके लिए स्टेज बनवाने से लेकर रामायण की चौपाइयां और श्लोक बोलने का प्रशिक्षण कलाकारों को दिया।
उन्होंने महाराज इंद्र का किरदार निभाया। इसके लिए मुझे कोच की उपाधी से नवाजा गया। जालंधर के बहुत बड़े समारोह में रामायण की चौपाइयां, श्लोक और कुरान शरीफ की आयत सुनकर मुझे एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। उनका कहना है कि मैं समाज को संदेश देता हूं कि अगर हम सब मिलजुल कर रहेंगे तो प्यार के साथ दोस्त भी अच्छे मिलेंगे।
अयोध्या में जल्द हो श्रीराम मंदिर का निर्माण
फकीर मोहम्मद का कहना है कि राम मंदिर अयोध्या में जल्द बनना चाहिए, इसके लिए वह भगवान के साथ अल्लाह से भी फरियाद करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होगा, वह अपने पूरे परिवार के साथ कार सेवा में भाग लेंगे और पूजा अर्चना करेंगे।
उन्होंने महाराज इंद्र का किरदार निभाया। इसके लिए मुझे कोच की उपाधी से नवाजा गया। जालंधर के बहुत बड़े समारोह में रामायण की चौपाइयां, श्लोक और कुरान शरीफ की आयत सुनकर मुझे एक्सीलेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। उनका कहना है कि मैं समाज को संदेश देता हूं कि अगर हम सब मिलजुल कर रहेंगे तो प्यार के साथ दोस्त भी अच्छे मिलेंगे।
अयोध्या में जल्द हो श्रीराम मंदिर का निर्माण
फकीर मोहम्मद का कहना है कि राम मंदिर अयोध्या में जल्द बनना चाहिए, इसके लिए वह भगवान के साथ अल्लाह से भी फरियाद करते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण प्रारंभ होगा, वह अपने पूरे परिवार के साथ कार सेवा में भाग लेंगे और पूजा अर्चना करेंगे।