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मिसालः शादी ने पहले दूल्हे ने रखी 4 शर्तें और एक रुपये में हो गए फेरे
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली(सिरसा)
Updated Wed, 07 Dec 2016 01:23 PM IST
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सिरसा में केवल एक रुपये में हुई शादी
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शादी से पहले दूल्हे ने चार शर्तें रखीं, जिन्हें लड़की वालों ने पूरा किया और एक रुपये में फेरे हो गए। यह शादी हर ओर चर्चा का विषय बनी हुई है। मिसाल बनी यह शादी हरियाणा के सिरसा जिले में हुई।
डबवाली के सुंदर नगर में शादियों में बढ़चढ़ कर दहेज देने और दिखावटी खर्चा करने की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच अध्यापक अमर सिंह बिश्नोई की बेटी ममता की शादी हुई। शादी फतेहाबाद के पेट्रो डीलर सुशील बेनीवाल के बेटे अंकुश के साथ हुई।
बेनीवाल परिवार की पहली शर्त थी कि विवाह मैरिज पैलेस में नहीं, बल्कि घर पर होना चाहिए। बिगड़ते मौसम के चलते वधू पक्ष साज संभाल से डरता था। ऐसे में वर पक्ष के लोगों ने स्वयं डबवाली पहुंचकर पंडाल तैयार करवाया।
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डबवाली के सुंदर नगर में शादियों में बढ़चढ़ कर दहेज देने और दिखावटी खर्चा करने की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच अध्यापक अमर सिंह बिश्नोई की बेटी ममता की शादी हुई। शादी फतेहाबाद के पेट्रो डीलर सुशील बेनीवाल के बेटे अंकुश के साथ हुई।
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बेनीवाल परिवार की पहली शर्त थी कि विवाह मैरिज पैलेस में नहीं, बल्कि घर पर होना चाहिए। बिगड़ते मौसम के चलते वधू पक्ष साज संभाल से डरता था। ऐसे में वर पक्ष के लोगों ने स्वयं डबवाली पहुंचकर पंडाल तैयार करवाया।
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बाकी की तीन शर्तें ये रहीं
सिरसा में केवल एक रुपये में हुई शादी
दूसरी शर्त थी कि दहेज नहीं लेंगे, जो रिश्ते के दौरान ही तय हो गया था। दहेज के नाम पर नारियल तथा एक रुपया उठाया। तीसरी शर्त थी कि बेटी फेरे लेने के लिए मंडप में बिना घूंघट बैठेगी। चौथी शर्त थी कि भारतीय संस्कृति के अनुसार बेटी का कन्यादान घर से होना चाहिए। वधू पक्ष ने इस रीत का भी पालन किया। ऐसी शर्तों के चलते यह शादी चर्चा का विषय बनी हुई है।
बेटी को पढ़ाया, लिखाया और अच्छे संस्कार देकर उसका पालन पोषण किया। इससे बड़ा दहेज कोई ओर हो नहीं सकता।
- सुशील बेनीवाल, वर के पिता
बेटी को पढ़ाया, लिखाया और अच्छे संस्कार देकर उसका पालन पोषण किया। इससे बड़ा दहेज कोई ओर हो नहीं सकता।
- सुशील बेनीवाल, वर के पिता