जेल में कैदियों को सुधारने के लिए अनोखी पहल
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जेल प्रशासन ने अनोखी पहल के जरिए जेल में बंद कैदियों को सुधारने की पहल की है। इसके जरिए उन्हें सुधारने के साथ- साथ तनाव से मुक्त भी किया जाएगा।
दरअसल बी शांताराम की दो आंखें बारह हाथ और नरगिस अभिनीत मदर इंडिया जैसी क्लासिक व अर्थपूर्ण फिल्मों के अलावा हंसी से भरपूर बॉलीवुड फिल्में दिखाकर जेल के कैदियों को जहां सुधारने की कोशिश की जाएगी वहीं उन्हें तनाव से मुक्त भी किया जाएगा। इसके लिए पटियाला की सेंट्रल जेल में थियेटर खोला गया है। सूबे की यह पहली जेल है, जहां कैदियों के लिए थियेटर खुला है। यह प्रयोग सफल रहा तो जल्द पंजाब की सभी सेंट्रल जेलों में थियेटर खोले जाएंगे।
जेल में बंद कैदी अक्सर तनाव का शिकार होकर या तो आपस में लड़ बैठते हैं या अपने जीवन को खत्म करने जैसा कदम भी उठा लेते हैं। अब कैदियों को तनाव से मुक्त करने और सुधारने के लिए पटियाला की सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए थियेटर खोला गया है। इसमें एक साथ 60 कैदी बैठकर फिल्म देख सकेंगे।
सभी सेंट्रल जेलों में थियेटर खोले जाएंगे
थियेटर में रोजाना तीन शो चलाए जाएंगे। पहला शो सुबह करीब साढ़े सात बजे से 10 बजे तक, दूसरा शो साढ़े 10 बजे से दोपहर एक बजे तक और फिर शाम को चार बजे से तीसरा शो चलाया जाएगा।
मंगलवार को कैदियों को पहले शो में बी शांताराम की क्लासिक मूवी दो आंखें बारह हाथ दिखाई गई। इस फिल्म का हीरो जेलर है, वह सरकार की अनुमति से जेल के कुछ खूंखार कैदियों को बाहर लाता है और उन्हें किस तरह से संघर्ष करते हुए सुधारता है, दिखाया गया है।
इस फिल्म को कैदियों ने काफी पसंद किया। इसके बाद नरगिस व सुनील दत्त अभिनीत बालीवुड की प्रसिद्ध फिल्म मदर इंडिया भी दिखाई गई।
पटियाला जेल के एडिशनल सुपरिंटेंडेंट राजन कपूर ने बताया कि कैदियों को जेल में उनके अच्छे व्यवहार को देखते हुए थियेटर में लाकर फिल्में दिखाई जाएंगी। तीनों शो के दौरान थियेटर के अंदर व बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी जाएगी। कैदियों को अर्थपूर्ण फिल्में दिखाई जाएंगी, जिससे वह सुधर सकें और बाहर जाकर अच्छा जीवन जी सकें। फिल्मों के चयन में कैदियों की पसंद भी पूछी जाएगी।
एडीजीपी आरपी मीना ने बताया कि यदि पटियाला जेल में किया गया यह प्रयोग सफल रहा तो सूबे की सभी सेंट्रल जेलों में कैदियों के लिए थियेटर खोले जाएंगे।