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‘अटैची बम’ के अफवाह से सात घंटे सील रहा एयरपोर्ट, बैग से निकला ये
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 16 Mar 2017 09:25 AM IST
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‘अटैची बम’ के अफवाह से सात घंटे सील रहा एयरपोर्ट
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खुफिया एजेंसियों ने एक दिन पहले ही संकेत दिए थे कि आतंकी एयरपोर्ट को निशाना बनाने के फिराक में हैं। बुधवार को एयरपोर्ट पार्किंग के पास मिली अटैची में टिक-टिक की आवाज आने से पूरे दुनिया में यह खबर फैल गई कि एयरपोर्ट पर अटैची में टाइम बम मिला है, जिसमें घड़ी की सुइयां चलने की आवाज आ रही है। पुलिस ने मौके पर खोजी कुत्ते बुलाए तो कुत्तों ने भी बम होने के संकेत दे दिए।
सात घंटे बाद जब अटैची मालिक ने फोन पर पुलिस को लॉक नंबर बताया तब जाकर अटैची खुल सकी। सात घंटे तक एयरपोर्ट सील रहा। एयरपोर्ट छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस, सेना, बीएसएफ व सीआईएसएफ ने सुरक्षा का चक्रव्यूह बनाए रखा। आसपास इलाके में सर्च अभियान चलाया जाने लगा। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाने लगी। सुबह साढ़े सात बजे पुलिस कंट्रोल रूम के पास सूचना आई कि श्री गुरूराम दास इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार पार्किंग के पास लावारिस अटैची पड़ी है, जिसमे टिक-टिक की आवाज आ रही है, हो सकता है कि टाइम बम हो।
यह सूचना मिलते ही पुलिस ने आनन-फानन में एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा सीआईएसएफ की मदद से खाली करवाया। तब तक खुफिया व सुरक्षा की कई एजेंसियां पहुंच गई। मेडिकल टीम बुला ली गई। बम निरोधक दस्ता बुला लिया गया। शुरू हुआ अटैजी को खोलने का काम। चूंकि अटैची लॉक थी (नंबर लॉक)। ऐसे में उसे खोला कैसे जाए। कोई भी नंबर नही लग रहा था। इसी बीच पुलिस सूचना मिली की यह अटैची इन्द्रजीत सिंह अटवाल की है जो तुर्कमिनिस्तान जाने के लिए एयरपोर्ट आया था, गलती से उसकी अटैची छूट गई, जिसकी सूचना उसने एयरलाइंस को दी थी।
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सात घंटे बाद जब अटैची मालिक ने फोन पर पुलिस को लॉक नंबर बताया तब जाकर अटैची खुल सकी। सात घंटे तक एयरपोर्ट सील रहा। एयरपोर्ट छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस, सेना, बीएसएफ व सीआईएसएफ ने सुरक्षा का चक्रव्यूह बनाए रखा। आसपास इलाके में सर्च अभियान चलाया जाने लगा। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाने लगी। सुबह साढ़े सात बजे पुलिस कंट्रोल रूम के पास सूचना आई कि श्री गुरूराम दास इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार पार्किंग के पास लावारिस अटैची पड़ी है, जिसमे टिक-टिक की आवाज आ रही है, हो सकता है कि टाइम बम हो।
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यह सूचना मिलते ही पुलिस ने आनन-फानन में एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा सीआईएसएफ की मदद से खाली करवाया। तब तक खुफिया व सुरक्षा की कई एजेंसियां पहुंच गई। मेडिकल टीम बुला ली गई। बम निरोधक दस्ता बुला लिया गया। शुरू हुआ अटैजी को खोलने का काम। चूंकि अटैची लॉक थी (नंबर लॉक)। ऐसे में उसे खोला कैसे जाए। कोई भी नंबर नही लग रहा था। इसी बीच पुलिस सूचना मिली की यह अटैची इन्द्रजीत सिंह अटवाल की है जो तुर्कमिनिस्तान जाने के लिए एयरपोर्ट आया था, गलती से उसकी अटैची छूट गई, जिसकी सूचना उसने एयरलाइंस को दी थी।
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अटैची में थी दो घड़ियां, टिक-टिक ने टाइम बम की बढ़ाई संभावना
अमृतसर में मिला संदिग्ध बैग
- फोटो : ANI
इन्द्रजीत सिंह अटवाल ने पुलिस को अटैची का लॉक खोलने के लिए नंबर बताया। अटैची खोली गई। उसमें एक मोबाइल, दो चार्जर, दो घड़ी, एक डायरी मिली। अटैची में एक टिकट मिला (नंबर 5422401075438 एचकेवाईकेएल) ।
सात घंटे तक अमृतसर पुलिस के हाथ पांव फूले रहे, वहीं टीवी चैनलों में ब्रेकिंग न्यूज चलने से एयरपोर्ट के आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। पुलिस कमिश्नर जे नागेश्वर राव ने जहां कमान अपने हाथों में ले ली वहीं सीआईएसएफ व सेना मिलकर बम की अटैची को निष्क्रय करने के लिए लगे रहे। बम निरोधक दस्ता अटैची का लॉक खोलने में काफी मशक्कत की, अटैची के अंदर से आने वाली टिक-टिक की आवाज ने सात घंटे तक पुलिस टिकटिकी लगाकर देखते रहे।
पुलिस कमिश्नर जे नागेश्वर राव ने कहा कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है, हर सूचना पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। पुलिस ने एयरपोर्ट पर बाकी विभागों की मदद से करीब सात घंटे तक डटी रही। सूचना महत्वपूर्ण थी, सभी ने बेहतर काम किया।
सात घंटे तक अमृतसर पुलिस के हाथ पांव फूले रहे, वहीं टीवी चैनलों में ब्रेकिंग न्यूज चलने से एयरपोर्ट के आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। पुलिस कमिश्नर जे नागेश्वर राव ने जहां कमान अपने हाथों में ले ली वहीं सीआईएसएफ व सेना मिलकर बम की अटैची को निष्क्रय करने के लिए लगे रहे। बम निरोधक दस्ता अटैची का लॉक खोलने में काफी मशक्कत की, अटैची के अंदर से आने वाली टिक-टिक की आवाज ने सात घंटे तक पुलिस टिकटिकी लगाकर देखते रहे।
पुलिस कमिश्नर जे नागेश्वर राव ने कहा कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है, हर सूचना पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। पुलिस ने एयरपोर्ट पर बाकी विभागों की मदद से करीब सात घंटे तक डटी रही। सूचना महत्वपूर्ण थी, सभी ने बेहतर काम किया।