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विश्व धरोहर कैपिटल कॉम्प्लेक्स जाएं तो पानी की बोतल ले जाएं
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Mon, 18 Jul 2016 10:08 PM IST
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tourist in capitol complex
- फोटो : amar ujala
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कैपिटल कॉम्प्लेक्स को विश्व धरोहर का दर्जा मिल गया है, लेकिन यहां पर आने वाले पर्यटकों के लिए कैंटीन की सुविधा नहीं है। यहां तक कि पीने का पानी भी नहीं मिलता है। इस कारण पर्यटकों को परेशानी होती है।
कैपिटल कॉम्प्लेक्स जाने से पहले बने टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर में खुली कैंटीन भी बंद हो गई है। यह कैंटीन सिटको ने बनाई थी। घाटे के कारण सिटको ने इसे बंद कर दिया है। कैपिटल कॉम्प्लेक्स को विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद सोमवार को 83 लोगों ने इसका दौरा किया है। घूमने के लिए लोगों को तीन बैच में परमिशन दी गई।
कॉम्प्लेक्स के अंदर बनाए गए ली कार्बूजिए के आर्किटेक्ट को देखने पहुंचे लोगों ने अन्य सुविधाओं को तो सराहा। लेकिन कैंटीन न होने से पर हैरानी जताई। कॉम्प्लेक्स में दो घंटे के इस टूर में हर व्यक्ति को डेढ़ किलोमीटर जाने और डेढ़ किलोमीटर आने का सफर तय करना होता है।
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घूमने आए पर्यटक मनोज रस्तोगी, अंशुमान खरबंदा ने बताया कि यहां कैंटीन और पीने के पानी की सुविधा नहीं है। इस कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
विदेशी पर्यटकों में रहा रुझान
विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद सोमवार को 7 पर्यटक घूमने पहुंचे। ली कार्बूजिए के आर्किटेक्ट को देखने आए फ्रांस के पर्यटक मैरोन, सेटटेंस ने बताया कि कैपिटल कॉम्प्लेक्स में घूमने में मजा आया। विश्व धरोहर का दर्जा मिलने पर उन्होंन खुशी जताई।
नाइट टूरिज्म नहीं हुआ डेवलप
शहर में नाइट टूरिज्म को डेवलप करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और पर्यटन विभाग ने कैपिटल कॉम्प्लेक्स को 11 से 22 अक्तूबर 2015 तक रात 0 बजे तक खोला था। इसकी लाइटिंग भी कराई थी। इस बीच यहां 10 हजार पर्यटक घूमने आए। कैपिटल कॉम्प्लेक्स को स्थायी तौर पर रात दस बजे तक खोलने के लिए कैपिटल कॉम्प्लेक्स की लाइटिंग भी कराई जानी थी। लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका है। इसी कारण नाइट टूरिज्म डेवलप नहीं हो सका है। नाइट टूरिज्म की सुविधा न मिलने पर पर्यटक दिन ढलते ही शिमला या अन्य स्थानों का रुख कर लेते हैं। कैपिटल कॉम्प्लेक्स में पंजाब और हरियाणा विधानसभा, हाईकोर्ट, ओपन हैंड मॉन्यूमेंट, टॉवर ऑफ शैडो, ज्योमेट्रिकल हिल की लाइटिंग की जानी थी। लेकिन वह पूरी नहीं हो पाई है।
इन्फॉर्मेशन सेंटर भी नहीं लुभा रहे पर्यटकों को
शहर में पर्यटकों को जानकारी देने के लिए सेक्टर-17 प्लाजा, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-42 पाम गार्डन, सुखना लेक, रेलवे स्टेशन पर पांच जगह इन्फॉर्मेशन सेंटर बनाए गए है। ये सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही खुले रहते हैं। रात में इन्हें खोलने का पर्यटन विभाग ने कोई प्रावधान नहीं किया है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बना टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर शाम 5 बजे के बाद बंद हो जाता है। यह अधिकतर दिन में भी बंद ही रहता है। इसी कारण पर्यटकों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है। इसी कारण पर्यटक शहर में तो आते हैं लेकिन दर्शनीय स्थलों का रुख नहीं कर पाते। रेलवे स्टेशन पर शताब्दी के जाने और आने के समय में भी इसे नहीं खोला जाता है।
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कैपिटल कॉम्प्लेक्स जाने से पहले बने टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर में खुली कैंटीन भी बंद हो गई है। यह कैंटीन सिटको ने बनाई थी। घाटे के कारण सिटको ने इसे बंद कर दिया है। कैपिटल कॉम्प्लेक्स को विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद सोमवार को 83 लोगों ने इसका दौरा किया है। घूमने के लिए लोगों को तीन बैच में परमिशन दी गई।
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कॉम्प्लेक्स के अंदर बनाए गए ली कार्बूजिए के आर्किटेक्ट को देखने पहुंचे लोगों ने अन्य सुविधाओं को तो सराहा। लेकिन कैंटीन न होने से पर हैरानी जताई। कॉम्प्लेक्स में दो घंटे के इस टूर में हर व्यक्ति को डेढ़ किलोमीटर जाने और डेढ़ किलोमीटर आने का सफर तय करना होता है।
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घूमने आए पर्यटक मनोज रस्तोगी, अंशुमान खरबंदा ने बताया कि यहां कैंटीन और पीने के पानी की सुविधा नहीं है। इस कारण दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
विदेशी पर्यटकों में रहा रुझान
विश्व धरोहर का दर्जा मिलने के बाद सोमवार को 7 पर्यटक घूमने पहुंचे। ली कार्बूजिए के आर्किटेक्ट को देखने आए फ्रांस के पर्यटक मैरोन, सेटटेंस ने बताया कि कैपिटल कॉम्प्लेक्स में घूमने में मजा आया। विश्व धरोहर का दर्जा मिलने पर उन्होंन खुशी जताई।
नाइट टूरिज्म नहीं हुआ डेवलप
शहर में नाइट टूरिज्म को डेवलप करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन और पर्यटन विभाग ने कैपिटल कॉम्प्लेक्स को 11 से 22 अक्तूबर 2015 तक रात 0 बजे तक खोला था। इसकी लाइटिंग भी कराई थी। इस बीच यहां 10 हजार पर्यटक घूमने आए। कैपिटल कॉम्प्लेक्स को स्थायी तौर पर रात दस बजे तक खोलने के लिए कैपिटल कॉम्प्लेक्स की लाइटिंग भी कराई जानी थी। लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका है। इसी कारण नाइट टूरिज्म डेवलप नहीं हो सका है। नाइट टूरिज्म की सुविधा न मिलने पर पर्यटक दिन ढलते ही शिमला या अन्य स्थानों का रुख कर लेते हैं। कैपिटल कॉम्प्लेक्स में पंजाब और हरियाणा विधानसभा, हाईकोर्ट, ओपन हैंड मॉन्यूमेंट, टॉवर ऑफ शैडो, ज्योमेट्रिकल हिल की लाइटिंग की जानी थी। लेकिन वह पूरी नहीं हो पाई है।
इन्फॉर्मेशन सेंटर भी नहीं लुभा रहे पर्यटकों को
शहर में पर्यटकों को जानकारी देने के लिए सेक्टर-17 प्लाजा, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-42 पाम गार्डन, सुखना लेक, रेलवे स्टेशन पर पांच जगह इन्फॉर्मेशन सेंटर बनाए गए है। ये सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही खुले रहते हैं। रात में इन्हें खोलने का पर्यटन विभाग ने कोई प्रावधान नहीं किया है। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर बना टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर शाम 5 बजे के बाद बंद हो जाता है। यह अधिकतर दिन में भी बंद ही रहता है। इसी कारण पर्यटकों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है। इसी कारण पर्यटक शहर में तो आते हैं लेकिन दर्शनीय स्थलों का रुख नहीं कर पाते। रेलवे स्टेशन पर शताब्दी के जाने और आने के समय में भी इसे नहीं खोला जाता है।