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पंजाब में टंकी पर चढ़े बेरोजगार: कहा- चुनाव से पहले सीएम मिलने आते थे लेकिन अब नहीं, चंडीगढ़ में भी नहीं हुई मुलाकात
Tue, 29 Mar 2022 06:27 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, संगरूर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 29 Mar 2022 06:27 PM IST
सार
युवाओं ने बताया कि उन्हें 28 मार्च को चंडीगढ़ बुलाया गया लेकिन जब वह चंडीगढ़ पहुंचे तो उनसे मांग पत्र लेकर कहा कि इस बारे में जल्द विचार किया जाएगा। इस दौरान उनकी मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात नहीं करवाई गई।
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संगरूर में प्रदर्शन करते बेरोजगार नौजवान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
रोजगार की मांग की खातिर बेरोजगार युवाओं ने सीएम सिटी संगरूर में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान चार युवक और तीन युवतियां हरिपुरा रोड पर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए, वहीं उनके साथियों ने संगरूर-लुधियाना नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर गुरदीप सिंह व गुरविंदर कौर ने कहा कि वर्ष 2016 में पंजाब पुलिस के 7416 पदों पर भर्ती हुई थी। करीब छह साल का समय बीत चुका है लेकिन उनका यह मामला अभी भी अधर में है, जबकि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आवेदकों का सत्यापन भी हो चुका है। बावजूद इसके उन्हें नौकरी नहीं दी जा रही।
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उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें यकीन दिलाया था कि चुनाव जीतने के पश्चात उनके मसले का समाधान पहल के आधार पर किया जाएगा। 22 मार्च को उन्होंने मुख्यमंत्री के गृह जिला संगरूर में धरना लगाया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों को सीएम के ओएसडी ने भरोसा दिलाया था कि उनका मसला जल्द हल करवाया जाएगा और उन्हें 28 मार्च को चंडीगढ़ बुलाया गया लेकिन जब वह चंडीगढ़ पहुंचे तो उनसे मांग पत्र लेकर कहा कि इस बारे में जल्द विचार किया जाएगा। इस दौरान उनकी मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात नहीं करवाई गई।
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उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जिस तरह भगवंत मान उनसे मिलते थे, अब ऐसा नहीं है। आज भी वह उनसे मिलने के बजाय सिर्फ हाथ हिलाकर निकल गए, जिससे बेरोजगार नौजवानों का गुस्सा भड़क गया और उन्हें रोष प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि वह पढ़ लिखकर भी मजदूरी करने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनके मसले का समाधान नहीं होगा वह संघर्ष को समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने एलान किया कि जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी, वह घर नहीं जाएंगे और यहीं बैठकर आंदोलन करेंगे।
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