{"_id":"5f2af9978ebc3e3d007f432f","slug":"unemployed-shops-opening-homes-leaving-jobs-large-number-shops-opened-residential-area-nayagaon-chandigarh-news-pkl3837601192","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरियां जाने पर घरों में दुकानें खोल रहे हैं बेरोजगार, नयागांव के रिहायशी एरिया में काफी संख्या में खुल गई है दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरियां जाने पर घरों में दुकानें खोल रहे हैं बेरोजगार, नयागांव के रिहायशी एरिया में काफी संख्या में खुल गई है दुकानें
विज्ञापन
नयागांव। कोरोना काल में नयागांव के रिहायशी इलाकों में घरों के अंदर कई नई दुकानें खुल गई हैं। हालांकि प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। घरों में दुकान खोलने के पीछे की वजह कोरोना के चलते बेरोजगारी का बढ़ना है। इस बारे में अमर उजाला के प्रतिनिधि ने लोगों से बात की तो उन्होंने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर अपना दुख सांझा किया।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में छोटी-बड़ी कंपनियों ने कई लोगों को बिना वेतन दिए ही नौकरियों से निकाल दिया है। कुछ लोग अभी भी मालिक द्वारा वापिस बुलाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने घर में तो दुकानें खोल ली हैं। इन दुकानों से लोगों को इतनी आमदनी नहीं हो रही है कि उनका सारा खर्च चल सके। जानकारी के अनुसार नयागांव में लंबे अरसे से घरों के अंदर दुकानें खोल रखी हैं। इतना ही नहीं घरों में दुकान खोलने वाले लोग कोरोना काल में जारी हिदायतों का पालन नहीं कर रहे है। ऐसे में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने की संभावना है।
बेटा का काम बंद होने पर उसने घर में दुकान खोलकर संभाली जिम्मेदारी
विक्रम सिंह निवासी नयागांव ने बताया कि उनका एक बेटा है। उसके दो बच्चे हैं। घर की सारी जिम्मेदारियां उसी के कंधों पर है। कोरोना की वजह से उसका भी इवेंट मैनेजमेंट का काम बंद हो गया। हम इतने बूढ़े है कि हमें कहीं पर भी काम मिलना न के बराबर है। बेटे की जितनी भी बचत थी, वह खत्म हो गई है। ऐसे में बेटे ने बड़ी मुश्किल से पैसों का इंतजाम कर घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए घर में दुकान खोली है। हमारी सरकार और प्रशासन से मांग की है वह इस संकट के समय में गरीबों के लिए रोजगार उपलब्ध करवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में छोटी-बड़ी कंपनियों ने कई लोगों को बिना वेतन दिए ही नौकरियों से निकाल दिया है। कुछ लोग अभी भी मालिक द्वारा वापिस बुलाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने घर में तो दुकानें खोल ली हैं। इन दुकानों से लोगों को इतनी आमदनी नहीं हो रही है कि उनका सारा खर्च चल सके। जानकारी के अनुसार नयागांव में लंबे अरसे से घरों के अंदर दुकानें खोल रखी हैं। इतना ही नहीं घरों में दुकान खोलने वाले लोग कोरोना काल में जारी हिदायतों का पालन नहीं कर रहे है। ऐसे में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलने की संभावना है।
विज्ञापन
बेटा का काम बंद होने पर उसने घर में दुकान खोलकर संभाली जिम्मेदारी
विक्रम सिंह निवासी नयागांव ने बताया कि उनका एक बेटा है। उसके दो बच्चे हैं। घर की सारी जिम्मेदारियां उसी के कंधों पर है। कोरोना की वजह से उसका भी इवेंट मैनेजमेंट का काम बंद हो गया। हम इतने बूढ़े है कि हमें कहीं पर भी काम मिलना न के बराबर है। बेटे की जितनी भी बचत थी, वह खत्म हो गई है। ऐसे में बेटे ने बड़ी मुश्किल से पैसों का इंतजाम कर घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए घर में दुकान खोली है। हमारी सरकार और प्रशासन से मांग की है वह इस संकट के समय में गरीबों के लिए रोजगार उपलब्ध करवाए।
विज्ञापन