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अंडरपास: निगम और हाउसिंग बोर्ड आमने-सामने
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 17 Dec 2013 01:48 PM IST
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शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति बढ़ती जा रही है, लेकिन अभी अंडरपास की योजना का कुछ अता-पता नहीं है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) से छीनकर अंडर पास का प्रोजेक्ट नगर निगम को दे दिया गया था।
अब निगम भी प्रोजेक्ट को लेकर सुस्त हो चुका है। अभी तक अंडर पास पर निगम ने एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया है। मेयर सुभाष चावला भी अब इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींचते नजर आ रहे हैं।
शहर में कुल 8 चौराहों पर अंडर पास बनाए जाने हैं। शुरुआती चरण में तीन अंडर पास बनेंगे। इसके लिए निगम ने 300 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान बनाया है। दूसरी तरफ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अभी तक निगम को प्रोजेक्ट की फाइलें नहीं सौंपी है।
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रविवार को जाम में फंसा शहर
रविवार को शहर में पंजाब फूड एंड सिविल सप्लाई का एग्जाम था। एग्जाम के लिए लाखों उम्मीदवार शहर में पहुंचे थे। इस कारण ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुई। शहर में जाम लगा रहा। ऐसे में अगर अंडर पास की व्यवस्था होती तो ट्रैफिक की स्थिति इतनी बुरी न होती।
पिकाडली चौक पर रोज लगता है जाम
सेक्टर-34 के पिकाडली चौक भी अंडर पास बनना है। यहां हर तकरीबन हर समय ही जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
सुबह 9 से 10, दोपहर 2 बजे के बाद और शाम 5 बजे के आसपास इतना जाम लग जाता है कि वाहन बड़ी मुश्किल से निकालती हैं।
इस चौक पर भी अंडर पास बनाया जाना है। जिस प्रकार यहां जाम बढ़ रहा हे,उसे देखते हुए यहां जल्दी ही अंडर पास का काम शुरू होना चाहिए।
महज 15 दिन बचे कार्यकाल के
मेयर सुभाष चावला ने जिस उत्साह के साथ अंडर पास का प्रोजेक्ट स्वीकार किया था, वह अब खत्म होता जा रहा है। मेयर पद पर उनका कार्यकाल अब महज 15 दिन रह गया है। ऐसे में साल खत्म होने से पहले प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावनाएं नहीं दिख रही।
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अब निगम भी प्रोजेक्ट को लेकर सुस्त हो चुका है। अभी तक अंडर पास पर निगम ने एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया है। मेयर सुभाष चावला भी अब इस प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींचते नजर आ रहे हैं।
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शहर में कुल 8 चौराहों पर अंडर पास बनाए जाने हैं। शुरुआती चरण में तीन अंडर पास बनेंगे। इसके लिए निगम ने 300 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान बनाया है। दूसरी तरफ चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अभी तक निगम को प्रोजेक्ट की फाइलें नहीं सौंपी है।
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रविवार को जाम में फंसा शहर
रविवार को शहर में पंजाब फूड एंड सिविल सप्लाई का एग्जाम था। एग्जाम के लिए लाखों उम्मीदवार शहर में पहुंचे थे। इस कारण ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुई। शहर में जाम लगा रहा। ऐसे में अगर अंडर पास की व्यवस्था होती तो ट्रैफिक की स्थिति इतनी बुरी न होती।
पिकाडली चौक पर रोज लगता है जाम
सेक्टर-34 के पिकाडली चौक भी अंडर पास बनना है। यहां हर तकरीबन हर समय ही जाम जैसी स्थिति बनी रहती है।
सुबह 9 से 10, दोपहर 2 बजे के बाद और शाम 5 बजे के आसपास इतना जाम लग जाता है कि वाहन बड़ी मुश्किल से निकालती हैं।
इस चौक पर भी अंडर पास बनाया जाना है। जिस प्रकार यहां जाम बढ़ रहा हे,उसे देखते हुए यहां जल्दी ही अंडर पास का काम शुरू होना चाहिए।
महज 15 दिन बचे कार्यकाल के
मेयर सुभाष चावला ने जिस उत्साह के साथ अंडर पास का प्रोजेक्ट स्वीकार किया था, वह अब खत्म होता जा रहा है। मेयर पद पर उनका कार्यकाल अब महज 15 दिन रह गया है। ऐसे में साल खत्म होने से पहले प्रोजेक्ट शुरू होने की संभावनाएं नहीं दिख रही।