फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Under Rule 134 A. private schools refused to enroll poorest children

निजी स्कूलों का नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों को दाखिला से इंकार

Thu, 05 May 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 05 May 2016 01:30 AM IST
विज्ञापन
Under Rule 134 A. private schools refused to enroll poorest children
स्कूल - फोटो : demo

हरियाणा के निजी स्कूलों ने नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों को दाखिला देने से इंकार कर दिया। हरियाणा के निजी स्कूलों की एसोसिएशन प्राइवेट स्कूल संघ ने बुधवार को स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि यदि प्रदेश सरकार ने नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों को पढ़ाने केएवज में निजी स्कूलों को पैसा नहीं दिया तो वे गरीब बच्चों को अपने स्कूलों में दाखिला नहीं देंगे। इसी मुद्दे पर संघ की प्रदेश कार्यकारिणी की एक बैठक वीरवार को हिसार के होटल मून में बुलाई गई है।

विज्ञापन


संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू व प्रांतीय संरक्षक तेलूराम रामायण वाला द्वारा बुधवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि वीरवार को होने वाली प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में नियम 134ए को समाप्त करवाने, स्कूलों की आयु सीमा 20 वर्ष करने और स्कूलों की मान्यता संबंधी नियमों को सरल बनाए जाने की मांगों पर विस्तृत चर्चा होगी।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जब तक सरकार प्राइवेट स्कूलों को प्रत्येक गरीब बच्चे के लिए 2300 रुपये प्रति महीना खर्च नहीं देगी, तब तक प्राइवेट स्कूल संचालक भी इस नियम के तहत दस प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो नियम 134ए को खत्म करके आरटीई लागू किया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed