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10 साल की बच्ची से रेप केस में दोनों मामा दोषी, सजा का ऐलान आज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Nov 2017 09:09 AM IST
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Court
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दस वर्षीय बच्ची से दुराचार और उसके मां बनने के मामले में जिला अदालत की विशेष कोर्ट वीरवार को दोषी दोनों मामा को सजा सुनाएगी। अदालत ने दोनों मामा को आईपीसी की धारा 376 (2) (एफ) (आई) (एन) और 5 (एल) (एम) ऑफ 6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया था।
देश-विदेश में चर्चा का विषय बने इस मामले में महिला अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम आर जोशी की कोर्ट ने मात्र 66 दिन में दोनों दोषियों के खिलाफ ट्रायल समाप्त कर दिया। केस में कई उतार-चढ़ाव आने के कारण इसमें इतने दिन लग गए, नहीं तो संभवत: केस का फैसला इससे पहले ही आ चुका होता। अदालत ने पहले आरोपी के खिलाफ 25 तो दूसरे आरोपी के खिलाफ मात्र 8 पेशियों में ही केस का ट्रायल पूरा कर दिया।
इस साल जुलाई में 10 वर्षीय बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद पता चला कि बच्ची 6 महीने की गर्भवती है। इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बच्ची ने बताया कि उसके मामा ने ही उससे कई बार गलत काम किया है। पुलिस ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और मां की शिकायत के आधार पर आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं उसकी डीएनए नवजात से मेल न खाने पर पुलिस ने पीड़िता की दोबारा काउंसिलिंग की। इस पर बच्ची ने छोटे मामा का भी नाम लिया। पुलिस ने बच्ची के दोबारा मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने के बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। उसके और नवजात के डीएनए सैंपल रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए गए थे।
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देश-विदेश में चर्चा का विषय बने इस मामले में महिला अपराध के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई विशेष कोर्ट की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम आर जोशी की कोर्ट ने मात्र 66 दिन में दोनों दोषियों के खिलाफ ट्रायल समाप्त कर दिया। केस में कई उतार-चढ़ाव आने के कारण इसमें इतने दिन लग गए, नहीं तो संभवत: केस का फैसला इससे पहले ही आ चुका होता। अदालत ने पहले आरोपी के खिलाफ 25 तो दूसरे आरोपी के खिलाफ मात्र 8 पेशियों में ही केस का ट्रायल पूरा कर दिया।
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इस साल जुलाई में 10 वर्षीय बच्ची के पेट में दर्द होने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए। वहां जांच के बाद पता चला कि बच्ची 6 महीने की गर्भवती है। इसके बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। बच्ची ने बताया कि उसके मामा ने ही उससे कई बार गलत काम किया है। पुलिस ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और मां की शिकायत के आधार पर आरोपी मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं उसकी डीएनए नवजात से मेल न खाने पर पुलिस ने पीड़िता की दोबारा काउंसिलिंग की। इस पर बच्ची ने छोटे मामा का भी नाम लिया। पुलिस ने बच्ची के दोबारा मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने के बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। उसके और नवजात के डीएनए सैंपल रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए गए थे।
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