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Chandigarh News: डेराबस्सी अस्पताल में हुई खून झड़प में उदयवीर ढिल्लों को मिली पक्की जमानत
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मोहाली। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद उदयवीर ढिल्लों की पक्की जमानत मंजूर कर ली है। 11 अप्रैल की रात डेराबस्सी सिविल अस्पताल में हुए खूनी झड़प के मामले में उदयवीर ढिल्लों की पक्की जमानत मंजूर हो गई है। कांग्रेस हलका इंचार्ज दीपइंदर सिंह ढिल्लों के बेटे उदयवीर ढिल्लों को डेराबस्सी पुलिस ने बीएनएस की धारा 482 के तहत नामजद किया था। इस मामले में उदयवीर ढिल्लों को पहले अदालत ने कच्ची जमानत दी थी। मंगलवार को मामले में जिला अदालत ने सुनवाई की। उदयवीर ढिल्लों के वकील धनोआ ने अदालत में तर्क रखा था कि ढिल्लों को एमसी की पोस्ट से उतारने की साजिश के तहत राजनीतिक षडयंत्र रचा गया था। पहले ढिल्लों के समर्थकों को पीटा गया था, जब ढिल्लों सिविल अस्पताल डेराबस्सी में समर्थकों का हालचाल पूछने गए तो उन पर हमला कर दिया। ढिल्लों ने डॉक्टरों के कमरे में घुसकर अंदर से लॉक लगाकर अपनी जान बचाई थी। बाद में पुलिस की मौजूदगी में उन्हें बाहर निकाला गया था। अदालत को बताया गया कि ढिल्लों जांच में शामिल हो गए हैं।
घटना के चार दिन बाद उन्हें आरोपी के रूप में पेश किया गया था। डेराबस्सी के गांव मकंदपुर में 11 अप्रैल की रात दो गुटों में खूनी झड़प हो गई थी। इसमें दोनों पार्टियों के छह से ज्यादा युवक जख्मी हो गए थे। पहले लड़ाई गांव में हुई, उसके बाद सिविल अस्पताल में भी दोनों पार्टियों ने जमकर तोड़फोड़ की थी। सिविल अस्पताल में मारपीट के दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों में भगदड़ मच गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया था। आरोप था कि एक गुट की ओर से कांग्रेस के हलका इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के बेटे उदयवीर सिंह ढिल्लों गांव पहुंचे और अवैध माइनिंग चलने का आरोप लगाते एक पार्टी का समर्थन किया था।
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घटना के चार दिन बाद उन्हें आरोपी के रूप में पेश किया गया था। डेराबस्सी के गांव मकंदपुर में 11 अप्रैल की रात दो गुटों में खूनी झड़प हो गई थी। इसमें दोनों पार्टियों के छह से ज्यादा युवक जख्मी हो गए थे। पहले लड़ाई गांव में हुई, उसके बाद सिविल अस्पताल में भी दोनों पार्टियों ने जमकर तोड़फोड़ की थी। सिविल अस्पताल में मारपीट के दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों में भगदड़ मच गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया था। आरोप था कि एक गुट की ओर से कांग्रेस के हलका इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के बेटे उदयवीर सिंह ढिल्लों गांव पहुंचे और अवैध माइनिंग चलने का आरोप लगाते एक पार्टी का समर्थन किया था।
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