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चंडीगढ़ के स्कूलों में नया सिटिंग प्लान: केरल माॅडल की तर्ज पर बैठेंगे बच्चे, टीचर से लेकर सफाई कर्मी तक खुश
Wed, 16 Jul 2025 10:22 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 16 Jul 2025 10:22 AM IST
सार
चंडीगढ़ सेक्टर-19 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सेक्टर 12 के गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में बच्चों के लिए यू शेप में बैठने की व्यवस्था शुरू हुई है। भविष्य में अन्य स्कूलों में भी ये व्यवस्था शुरू की जा सकती है।
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चंडीगढ़ के स्कूलों में नया सिटिंग प्लान
- फोटो : संवाद
विस्तार
चंडीगढ़ के स्कूलों में पढ़ाई का माहौल अब और बेहतर होने जा रहा है। कक्षाओं में नए सीटिंग अरेंजमेंट ने न सिर्फ छात्रों को अनुशासन में बैठने की आदत डाली है, बल्कि शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी काम आसान कर दिया है।
पीछे छुपकर होने वाली बातचीत पर अब ब्रेक लग गया है, वहीं बच्चे एक लाइन में बैठकर पढ़ाई में ज्यादा ध्यान दे पा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने भी इस बदलाव को सराहा है और इसे अन्य स्कूलों में लागू करने की तैयारी में है।
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सातवीं कक्षा के केशव ने बताया कि पहले एक बेंच पर दो ही बच्चे बैठ सकते थे, अब सारे दोस्त एक साथ लाइन में बैठ सकते हैं। अरमान ने कहा कि पहले ब्लैकबोर्ड सही नहीं दिखता था, अब वह साफ दिखता है। अंशिका ने कहा कि कक्षा में बीच में खाली जगह में बच्चे एक्टिविटी कर सकते हैं। आयुष ने कहा कि अब पीछे छुपकर बातें नहीं कर सकते, क्योंकि टीचर बच्चों को देखती हैं।
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पीछे छुपकर होने वाली बातचीत पर अब ब्रेक लग गया है, वहीं बच्चे एक लाइन में बैठकर पढ़ाई में ज्यादा ध्यान दे पा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने भी इस बदलाव को सराहा है और इसे अन्य स्कूलों में लागू करने की तैयारी में है।
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केरल से शुरू हुए बदलाव को चंडीगढ़ ने अपनाया
मलयालम फिल्म स्थानार्थी श्रीकुट्टन से केरल में यह बदलाव शुरू हुआ। अब उसी से प्रेरित होकर चंडीगढ़ में नए सीटिंग अरेंजमेंट से बच्चे बहुत खुश हैं। सेक्टर-19 के स्कूल में बच्चों और शिक्षकों के साथ-साथ कर्मचारी भी खुश हैं।सातवीं कक्षा के केशव ने बताया कि पहले एक बेंच पर दो ही बच्चे बैठ सकते थे, अब सारे दोस्त एक साथ लाइन में बैठ सकते हैं। अरमान ने कहा कि पहले ब्लैकबोर्ड सही नहीं दिखता था, अब वह साफ दिखता है। अंशिका ने कहा कि कक्षा में बीच में खाली जगह में बच्चे एक्टिविटी कर सकते हैं। आयुष ने कहा कि अब पीछे छुपकर बातें नहीं कर सकते, क्योंकि टीचर बच्चों को देखती हैं।
सभी बच्चों पर रहेगी टीचर की नजर
प्रिंसिपल संगीता गुल्हाटी ने बताया कि इस बदलाव से टीचर की नजर सभी बच्चों पर रहती है। अभी 12 कमरों में यह अरेंजमेंट किया गया है। जिन कक्षाओं की संख्या 40-45 हैं, उन्हीं कक्षाओं में यह व्यवस्था की गई है। 10वीं तक के बच्चों के लिए यह व्यवस्था रहेगी।इससे बच्चों में समय पालन के प्रति गंभीरता बढ़ी है। मंगलवार को बच्चे आगे बैठने के चक्कर में सुबह जल्दी आए। वह साइड वाली सीटें प्रेफर कर रहे हैं ताकि निकलने में आसानी रहे। बच्चों की सीटें फिक्स नहीं हैं। वह सुबह जल्दी आकर कहीं भी बैठ सकते हैं। पुराने जमाने की बैठने की प्रथा को खत्म किया जा रहा है। अब कोई बैक बैंचर्स नहीं होगा।