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चंडीगढ़ में दो और हेरिटेज मेनहोल के ढक्कन चोरी, हरकत में आया प्रशासन, दर्ज कराई एफआईआर
Sun, 15 Mar 2020 02:08 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Mar 2020 02:08 PM IST
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Two more heritage manhole thefts
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बीते छह महीने में शहर के अलग-अलग सेक्टरों से हेेरिटेज मैनहोल के चार ढक्कन चोरी हो गए हैं। इनमें से दो तीन दिन पहले जबकि दो बीते अक्तूबर और दिसंबर के महीने में चोरी हुए हैं। हाल ही चोरी हुए दोनों ढक्कन के चोरी होने की शिकायत नगर निगम के एसडीई अंग्रेज सिंह ने सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। यह ढक्कन सेक्टर-3 और सेक्टर-11 से चोरी हुए हैं। शनिवार को पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में एसडीई ने बताया कि इन ढक्कनों के चोरी होने की जानकारी उन्हें कुछ दिन पहले मिली थी। इसके बाद उन्होंने बीते शुक्रवार को पुलिस को शिकायत दी। बीते कई सालों से लगातार हेरिटेज मैनहोल ढक्कनों की चोरी हो रही है लेकिन प्रशासन और पुलिस इन पर लगाम कसने में नाकाम रहा है। पिछले साल 29 अक्टूबर 2019 को सेक्टर-23/23 की डिवाइडिंग रोड से एक हेरिटेज ढक्कन चोरी हो गया था, जिसको लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी शिकायत की गई थी।
इसके बाद 12 दिसंबर 2019 को सेक्टर-17 के जीपीओ के पास स्थित ढक्कन को भी चोर उड़ा ले गए। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। गौरतलब है कि इन हेरिटेज ढक्कनों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये में है। एक ढक्कन का वजन 60 से 77 किलो है। अब तक लंदन व पेरिस में लाखों रुपये में ये हेरिटेज ढक्कन नीलाम हो चुके हैं।
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लगातार हो रही चोरी, पुलिस करे इन चोरों का पर्दाफाश
हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने कहा है कि हेरिटेज ढक्कनों की चोरी बीते कई सालों से हो रही है। पुलिस को अब चोरी की तह तक जाना चाहिए ताकि चोरों का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने बताया कि इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है जो शहर के हेरिटेज सामानों की चोरी कर रहा हो। बताया कि वह इस मामले को लेकर अक्तूबर मेें प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी मिले थे।
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पुलिस को दी शिकायत में एसडीई ने बताया कि इन ढक्कनों के चोरी होने की जानकारी उन्हें कुछ दिन पहले मिली थी। इसके बाद उन्होंने बीते शुक्रवार को पुलिस को शिकायत दी। बीते कई सालों से लगातार हेरिटेज मैनहोल ढक्कनों की चोरी हो रही है लेकिन प्रशासन और पुलिस इन पर लगाम कसने में नाकाम रहा है। पिछले साल 29 अक्टूबर 2019 को सेक्टर-23/23 की डिवाइडिंग रोड से एक हेरिटेज ढक्कन चोरी हो गया था, जिसको लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी शिकायत की गई थी।
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इसके बाद 12 दिसंबर 2019 को सेक्टर-17 के जीपीओ के पास स्थित ढक्कन को भी चोर उड़ा ले गए। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। गौरतलब है कि इन हेरिटेज ढक्कनों की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये में है। एक ढक्कन का वजन 60 से 77 किलो है। अब तक लंदन व पेरिस में लाखों रुपये में ये हेरिटेज ढक्कन नीलाम हो चुके हैं।
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लगातार हो रही चोरी, पुलिस करे इन चोरों का पर्दाफाश
हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने कहा है कि हेरिटेज ढक्कनों की चोरी बीते कई सालों से हो रही है। पुलिस को अब चोरी की तह तक जाना चाहिए ताकि चोरों का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने बताया कि इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है जो शहर के हेरिटेज सामानों की चोरी कर रहा हो। बताया कि वह इस मामले को लेकर अक्तूबर मेें प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी मिले थे।
इसलिए विदेश में लाखों में बिकता है यह ढक्कन
विदेश में एक हेरिटेज मैनहोल ढक्कन की कीमत करीब 15 लाख रुपये है। इन हेरिटेज ढक्कनों पर चंडीगढ़ का पूरा नक्शा बना हुआ है। ढक्कन के ऊपरी हिस्से में बीच से दायीं तरफ जाती दो लाइनें असल में सुखना झील को सींचने वाली बरसाती नदी है और इन लाइनों के खत्म होने पर बना त्रिकोण सुखना झील है।
नीचे चकोर खाने शहर के सेक्टर हैं और उसी पैटर्न पर बने हैं, जिसपर शहर के सेक्टर बसे हुए हैं। जानकारी के अनुसार इन ढक्कनों को इस तरह डिजाइन किया गया था कि शहर के सारे मैनहोलों के ढक्कन एक ही दिशा यानी सीधे ही फिट हो सकते थे। शहर की पहचान इन ढक्कनों की कीमत के बारे में चंडीगढ़ के अफसरों को तब पता चला जब विदेश में इसकी निलामी की खबर आई थी।
हेरिटेज मैनहोल के ढक्कनों को म्यूजियम में रखेगा प्रस्ताव
लगातार चोरी हो रहे हेरिटेज मैनहोल ढक्कनों को बचाने के लिए प्रशासन ने एक प्रस्ताव बनाया है। प्रशासन इन हेरिटेज ढक्कनों को निकाल कर ली काबूर्जिये सेंटर और सेक्टर-10 स्थित म्यूजियम आर्ट गैलरी में रखेगा। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा है कि हेरिटेज श्रेणी में आने वाले ढक्कनों को, जिनपर शहर का पूरा नक्शा बना है, उन्हें शहर भर से एकत्रित किया जा रहा है।
इन्हेें प्रशासन ली काबूर्जिये सेंटर या अन्य म्यूजियम में रखा जाएगा ताकि पर्यटकों को इनके बारे में सूचना दी जा सके। गौरतलब है कि प्रशासन जल्द ही सेक्टर-18 में गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में हेरिटेज आइटम्स के लिए एक म्यूजियम बनाने जा रहा है।
नीचे चकोर खाने शहर के सेक्टर हैं और उसी पैटर्न पर बने हैं, जिसपर शहर के सेक्टर बसे हुए हैं। जानकारी के अनुसार इन ढक्कनों को इस तरह डिजाइन किया गया था कि शहर के सारे मैनहोलों के ढक्कन एक ही दिशा यानी सीधे ही फिट हो सकते थे। शहर की पहचान इन ढक्कनों की कीमत के बारे में चंडीगढ़ के अफसरों को तब पता चला जब विदेश में इसकी निलामी की खबर आई थी।
हेरिटेज मैनहोल के ढक्कनों को म्यूजियम में रखेगा प्रस्ताव
लगातार चोरी हो रहे हेरिटेज मैनहोल ढक्कनों को बचाने के लिए प्रशासन ने एक प्रस्ताव बनाया है। प्रशासन इन हेरिटेज ढक्कनों को निकाल कर ली काबूर्जिये सेंटर और सेक्टर-10 स्थित म्यूजियम आर्ट गैलरी में रखेगा। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा है कि हेरिटेज श्रेणी में आने वाले ढक्कनों को, जिनपर शहर का पूरा नक्शा बना है, उन्हें शहर भर से एकत्रित किया जा रहा है।
इन्हेें प्रशासन ली काबूर्जिये सेंटर या अन्य म्यूजियम में रखा जाएगा ताकि पर्यटकों को इनके बारे में सूचना दी जा सके। गौरतलब है कि प्रशासन जल्द ही सेक्टर-18 में गवर्नमेंट प्रेस बिल्डिंग में हेरिटेज आइटम्स के लिए एक म्यूजियम बनाने जा रहा है।