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Amritar: कश्मीर में टारगेट किलिंग में मारे गए अमृतसर के दो युवक... बचपन के दोस्त थे दोनों, जान भी साथ ही गई
Thu, 08 Feb 2024 03:47 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 08 Feb 2024 03:47 PM IST
सार
शब ए मेहराज के पाक अवसर पर बुधवार को श्रीनगर में आतंकियों ने नापाक हरकत की है। मरने वाले दोनों युवक अमृतसर के अजनाला के थे और काम के लिए श्रीनगर गए थे। कश्मीर में गैर प्रवासियों पर आतंकियों की ओर से किया गया यह साल का पहला हमला है। इसके पहले पिछले साल अनंतनाग व शोपियां में गैर स्थानीय मजदूरों पर हमले हुए थे।
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अमृतपाल के घर में पसरा मातम
- फोटो : संवाद
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विस्तार
श्रीनगर जिले के करफली मोहल्ला शाल कदल इलाके में आतंकवादियों की गोलीबारी में मारे गए युवक अमृतपाल सिंह का शव गुरुवार को अमृतसर के चमियारी लाया गया। शव को देखते ही परिवार में एक बार फिर कोहराम मच गया। वहीं दूसरे युवक रोहित का शव अभी नहीं लाया गया है।
आतंकियों ने बुधवार शाम को अमृतपाल सिंह और उसके साथी रोहित पर करीब से एके 47 राइफल से फायरिंग की थी। अमृतपाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि रोहित की जान अस्पताल में चली गई थी। दो युवकों की मौत से अमृतसर समेत पूरे पंजाब में मातम पसर गया था।
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गुरदासपुर के ठेकेदार के कहने पर गए थे श्रीनगर
31 साल का अमृतपाल कारपेंटर था और काम के लिए श्रीनगर गया था। वहीं 25 साल का रोहित मसीह पेंट का काम करता था। दोनों गुरदासपुर के ठेकेदार के कहने पर श्रीनगर गए थे।
पहले भी श्रीनगर में काम कर चुका था अमृतपाल
अमृतपाल और रोहित बचपन के दोस्त थे। जानकारी के अनुसार, अमृतपाल पहले भी श्रीनगर में कारपेंटिंग का काम कर चुका है। इस बार काम आया तो वह हेल्पर के तौर पर रोहित को साथ ले गया था। बुधवार देर रात जैसे ही दोनों की मौत की सूचना मिली, परिवारों में चीख पुकार मच गई।
मारा गया अमृतपाल सात भाई बहनों में सबसे छोटा था। वहीं रोहित की छोटी बहन ग्यारहवीं में पढ़ रही है और वह खुद बारहवीं तक पढ़ने के बाद परिवार की मदद के लिए काम में जुट गया था।
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आतंकियों ने बुधवार शाम को अमृतपाल सिंह और उसके साथी रोहित पर करीब से एके 47 राइफल से फायरिंग की थी। अमृतपाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि रोहित की जान अस्पताल में चली गई थी। दो युवकों की मौत से अमृतसर समेत पूरे पंजाब में मातम पसर गया था।
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गुरदासपुर के ठेकेदार के कहने पर गए थे श्रीनगर
31 साल का अमृतपाल कारपेंटर था और काम के लिए श्रीनगर गया था। वहीं 25 साल का रोहित मसीह पेंट का काम करता था। दोनों गुरदासपुर के ठेकेदार के कहने पर श्रीनगर गए थे।
पहले भी श्रीनगर में काम कर चुका था अमृतपाल
अमृतपाल और रोहित बचपन के दोस्त थे। जानकारी के अनुसार, अमृतपाल पहले भी श्रीनगर में कारपेंटिंग का काम कर चुका है। इस बार काम आया तो वह हेल्पर के तौर पर रोहित को साथ ले गया था। बुधवार देर रात जैसे ही दोनों की मौत की सूचना मिली, परिवारों में चीख पुकार मच गई।
मारा गया अमृतपाल सात भाई बहनों में सबसे छोटा था। वहीं रोहित की छोटी बहन ग्यारहवीं में पढ़ रही है और वह खुद बारहवीं तक पढ़ने के बाद परिवार की मदद के लिए काम में जुट गया था।