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साथ रहने के लिए दो लड़िकयां ने हाईकोर्ट से मांगी सुरक्षा, परिवार वालों से बताया जान का खतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Sep 2018 05:23 PM IST
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए दो लड़कियों ने साथ रहने की अनुमति मांगी है। याचिका में उन्होंने कहा है कि दोनो लड़कियां हैं, तो क्या उन्हें एक दूसरे का साथ चाहिए। दोनों बालिग हैं ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले में डीसीपी पंचकूला को विचार कर उचित निर्णय लेने के आदेश दिए हैं।
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याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट गोबिंद ढांडा ने हाईकोर्ट को बताया कि पंचकूला की दो बालिग लड़कियां साथ रहना चाहती हैं। परंतु उनके परिवार वाले उन्हें साथ रहने नहीं दे रहे हैं। दोनों को जान का खतरा है। उन्होंने कहा कि दोनों लड़कियां बालिग हैं और अपनी इच्छा से साथ रहना चाहती हैं और ऐसे में उन्हें रोका नहीं जा सकता। परिवार वालों को आपत्ति जाति को लेकर हैं और ऐसे में दोनों की जान पर बनी हुई है।
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एक लड़की सामान्य वर्ग की है तथा दूसरी अनुसूचित जाति की। जान को खतरा बताते हुए दोनों ने डीसीपी कार्यालय में भी अपनी रिप्रेजेंटेशन दी थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। अब मजबूरी में दोनों को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि दोनो बालिग हैं और साथ रहना चाहती हैं तो ऐसे में डीसीपी याचिकाकर्ताओं द्वारा सौंपी गई रिप्रेजेंटेशन पर फैसला लें। कोर्ट के आदेश के बाद आदेश की प्रति लेकर दोनों डीसीपी कार्यालय पहुंची थीं। हालांकि डीसीपी की मीटिंग के चलते उन्हें शाम तक इंतजार करना पड़ा।
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केस को एसीपी को रेफर कर कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें विकल्प प्रदान कर दिया गया है कि वे किस प्रकार से सुरक्षा चाहती हैं कि उन्हें प्रोटेक्शन होम भेजा जाए। जहां उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की जा सके। अभिषेक जोरावल, डीसीपी पंचकूला