फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Two girl students of Firozpur stranded in the midst of war in Ukraine

यूक्रेन संकट: साक्षी ने बेसमेंट और रुचिका ने बंकर में ली शरण, अब इंटरनेट सुविधा भी ठप, घरवालों से नहीं हो पा रही बात

Fri, 25 Feb 2022 09:05 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पंजाब (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, पंजाब (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 25 Feb 2022 09:05 PM IST
सार

डोगर बस्ती निवासी जतिंदर कौर उन खुशकिस्मत विद्यार्थियों में शामिल हैं, जो युद्ध शुरू होने से पहले यूक्रेन से बाहर निकलने में कामयाब रहीं। जतिंदर कौर ने बताया कि अभी उनके कई साथी फंसे हैं। उन्होंने मेट्रो स्टेशन पर शरण ली है। वहां पर खाने पीने की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 

विज्ञापन
Two girl students of Firozpur stranded in the midst of war in Ukraine
रुचिका शर्मा और उनके माता-पिता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

फिरोजपुर से दो लड़कियां एमबीबीएस करने यूक्रेन गई हैं और युद्ध में वहीं फंस गईं हैं। अभिभावकों का रो-रो कर बुरा हाल है। एक लड़की साक्षी ने बेसमेंट और रुचिका शर्मा ने बंकर में पनाह ली है। इंटरनेट सुविधा भी ठप हो गई है। विपन निवासी कुंदन नगर ने बताया कि उसकी बेटी साक्षी पिछले साढ़े तीन साल से यूक्रेन के खरकी में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। 

विज्ञापन


अचानक रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ गया। उनकी बेटी की फ्लाइट 28 फरवरी को थी लेकिन वहां पर सभी फ्लाइट बंद कर दी गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि उनकी बेटी को सुरक्षित भारत लाया जाए। साक्षी की मां सिमरन ने बताया कि बेटी वर्ष 2018 में यूक्रेन गई थी। उनकी बेटी की एमबीबीएस की पढ़ाई समाप्त होने वाली है।
विज्ञापन


वहीं राकेश शर्मा निवासी फिरोजपुर छावनी ने बताया कि उनकी बेटी रुचिका शर्मा वर्ष 2019 में एमबीबीएस करने यूक्रेन गई थी। वहां यूक्रेन की राजधानी कीव में रह रही है। बेटी से व्हाट्सएप के जरिये बातचीत हो रही थी लेकिन वहां इंटरनेट सुविधा भी बंद हो गई है अब बेटी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। बेटी ने बंकर में पनाह ली है, जो कुछ उसके पास था वही खा-पी रही है। पत्नी कल्पना का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी भारत सरकार से मांग है कि बच्चों को सुरक्षित लाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

अभिभावक चिंतित, केंद्र सरकार से लगाई गुहार
यूक्रेन में फंसे छात्रों के चिंतित अभिभावकों ने बच्चों को वापस लाने की केंद्र सरकार से गुहार लगाई है। फरीदकोट के गांव मेहमुआना की खुशविंदर कौर और कोटकपूरा का भास्कर कटारिया भारत नहीं लौट पा रहे हैं। खुशविंदर सिंह के पिता सरबजीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। उसके कोर्स का एक साल बाकी है। हालांकि उन्होंने बेटी की वापसी की टिकट का प्रबंध कर दिया था और उसे 24 फरवरी को आना था लेकिन अचानक हालात बिगड़ने से उड़ान बंद हो गईं। कोटकपूरा के डॉ. दंपती शैलेश कटारिया व अनु कटारिया का कहना है कि उनके बेटे भास्कर की सिर्फ तीन महीने की एमबीबीएस की पढ़ाई बची है।  
 
यूक्रेन में फंसे हैं 20 हजार भारतीय: पंधेर 
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि यूक्रेन में करीब 20 हजार भारतीय नागरिक फंसे हैं। इन्हें वहां से सुरक्षित निकाला जाए। पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार यूपी विधानसभा चुनाव में व्यस्त है, जबकि यूक्रेन में फंसे नागरिकों की जिंदगी खतरे में हैं। कई बच्चे यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए हैं, वहां वे बेसमेंट और बंकरों में रात गुजार रहे हैं। रूस और यूक्रेन के युद्ध से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed