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Chandigarh News: रेलवे कर्मचारी से रिश्वत मांगने के आरोप में डीआरएम कार्यालय के दो कर्मचारी गिरफ्तार
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चंडीगढ़। सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, चंडीगढ़ ने रेलवे कर्मचारी से 60 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में डीआरएम कार्यालय, उत्तरी रेलवे, फिरोजपुर में तैनात दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विभागीय कार्रवाई में राहत दिलाने और अपील स्तर पर मामला प्रभावित करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों में विजय कुमार (टेक्नीशियन-1) और धरमवीर (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सीबीआई के मुताबिक फिरोजपुर मंडल रेलवे कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक पवन कुमार ने 13 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दोनों कर्मचारियों ने उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई में राहत दिलाने के बदले 60 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार यह रकम मंडल कार्मिक अधिकारी (डीपीओ) बिजेंद्र के नाम पर मांगी जा रही थी। एजेंसी के मुताबिक विभागीय चार्जशीट से जुड़े मामलों में अनुकूल निर्णय दिलाने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी।
जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत नहीं देने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई। इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा रिश्वत की मांग की और दावा किया कि रकम देने पर अपील स्तर पर सजा कम या समाप्त करवाई जा सकती है। सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में अन्य लोक सेवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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गिरफ्तार आरोपियों में विजय कुमार (टेक्नीशियन-1) और धरमवीर (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) के रूप में हुई है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सीबीआई के मुताबिक फिरोजपुर मंडल रेलवे कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ लिपिक पवन कुमार ने 13 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दोनों कर्मचारियों ने उनके खिलाफ चल रही विभागीय कार्रवाई में राहत दिलाने के बदले 60 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार यह रकम मंडल कार्मिक अधिकारी (डीपीओ) बिजेंद्र के नाम पर मांगी जा रही थी। एजेंसी के मुताबिक विभागीय चार्जशीट से जुड़े मामलों में अनुकूल निर्णय दिलाने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी।
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जांच में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत नहीं देने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई। इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा रिश्वत की मांग की और दावा किया कि रकम देने पर अपील स्तर पर सजा कम या समाप्त करवाई जा सकती है। सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में अन्य लोक सेवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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