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हुण मैं सेट हां... ने बयां किया विदेशों में जाकर बसने वालों का दर्द

Tue, 20 Sep 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 20 Sep 2016 01:52 AM IST
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two-day theater festival, Punjab Kala Bhawan, Monday
chandigarh Punjab Kala Bhawan - फोटो : अमर उजाला
 पंजाब कला भवन में आयोजित दो दिवसीय थिएटर फेस्टिवल शगूफे 2016 के पहले दिन सोमवार को पंजाबी नाटक ‘हुण मैं सेट हां’ का मंचन हुआ। नाटक में उन पंजाबियों के बारे में बताया गया जो बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश जाते हैं, लेकिन वहां का माहौल उन्हें रास नहीं आता और बुरे संगत में पड़ जाते हैं।
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नाटक की शुरुआत मुख्य पात्र गगन के पिता प्रिंसिपल पाखर सिंह से होती है जो एक कांफ्रेंस के सिलसिले में कनाडा जाते हैं और वहां के माहौल से इतना प्रभावित होते हैं कि अपने बेटे गगन को विदेश भेजने की ठान लेते हैं। इसके पीछे उनकी यही भावना होती है कि अगर गगन वहां पर सेट हो गया तो धीरे-धीरे हमें भी विदेश बुला लेगा। उसके आद वह लोन लेकर अपने बेटे को विदेश भेज देते हैं। जब गगन वहां जाता है तो उसे वहां का माहौल बिल्कुल नहीं पसंद आता। उससे ऐसे काम लिए जाते जो कोई भी इंसान करना पसंद नहीं करता।
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मैं हुण सेट हां...

two-day theater festival, Punjab Kala Bhawan, Monday
chandigarh Punjab Kala Bhawan - फोटो : अमर उजाला
वह वहां के माहौल से इतना तंग आ जाता है कि घर वापस आने का निर्णय बना लेता है। लेकिन उसके पिता उसे यह कहकर घर आने से मना कर देते हैं कि लोग क्या कहेंगे कि लड़का विदेश में टिक ही नहीं पाया? इसलिए वह इसे घर की इज्जत के साथ जोड़कर उसे घर आने से मना कर देते हैं।विदेश में बैठा गगन वहां के हालातों से तंग आकर नशा करने लगता है। उसे घर से फोन आते हैं लेकिन वह फोन नहीं उठाता। घर में बैठी उसकी मां को चिंता सताने लगती है। वह अपनी बहन को अपने बेटे के पास भेजती है। 

गगन के पास जाकर वह देखती है कि गगन नशे में है। वह उससे उसकी हालत के बारे में पूछती है तो वह कहता है कि घर पर कह देना कि मैं हुण सेट हां ... और यहीं पर नाटक समाप्त हो जाता है।
एक घंटे का यह नाटक वीना वर्मा द्वारा लिखा गया था और बनिंदरजीत सिंह बन्नी ने इसका निर्देशन किया। जिसमें नवदीप सिंह, गुरजंट सिंह, कमलदीप कौर, विवेक रॉय खन्ना, रवितेज सिंह, निखिल मेहता, जतिन, जतिंदर बराड़, कोमलदीप कौर, रमन, कुबेर, जतिंदर सिंह, जसविंदर सिंह, हरमन, अक्षय और अखिल ने भाग लिया।
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