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कला भवन में विभिन्न सभ्याताओं की 70 फोटोग्राफ, देखनें पहुंचें

Wed, 05 Oct 2016 09:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 05 Oct 2016 09:21 PM IST
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two day photography exhibition in punjab kala bhawan chandigarh
फोटोग्राफी एग्जी​बिशन
पंजाब कला भवन में यात्रा के दौरान खींची गई विभिन्न सभ्यताओं की 70 से ज्यादा तस्वीरें देखने को मिलेंगी। शौक रखते हैं तो देखने आएं। बुधवार को कला भवन में पंचकूला के फोटोग्राफी लवर मितुल दीक्षित की दो दिवसीय प्रदर्शनी इंका रुइंस एंड द अमाजोन की शुरुआत हुई। इस प्रदर्शनी का आयोजन अदब फाउंडेशन द्वारा किया गया है। इसमें दीक्षित की दक्षिण अमेरिका के हाइलैंड्स की यात्रा के दौरान महान इंका सभ्यता के सुंदर चित्रों को दर्शाया गया है।
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ये चित्र उन खंडहरों के हैं जो उन्नत हैं और एक कहानी बयां करते हैं। प्रदर्शनी में मितुल दीक्षित की 70 फोटोग्राफ लगाए गए हैं। इनमें से 30 इंका खंडहरों के हैं और 25 अमाजोन रेनफारेस्ट की हैं। इसके अलावा फोटोग्राफ में पेरू का जीवन भी दर्शाया गया है। मितुल के दस वर्षीय बच्चे इदांत की लेह में खींची गई सात फोटोग्राफ भी इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं।
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इंका सभ्यता की शुरुआत 13वीं शताब्दी के आसपास पेरू के हाइलैंड्स से हुई। यह कुज्को के इंका गढ़ के आसपास की भूमि को जीतकर पूर्व कोलंबियन अमेरिका में सबसे बड़े साम्राज्य के निर्माण के लिए हुई। 1532 में स्पेन के बढ़ते कदमों के बीच इस इंका साम्राज्य का खात्मा हो गया। अपनी सभ्यता को वह थोड़ा बहुत ही बचा सके। मितुल की यह साहसिक यात्रा चार सप्ताह की रही, जिसे उन्होंने अपने कैमरे के माध्यम से संजोया है।
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मितुल ने इंका चिन्ह के साथ माचू पिच्चू पहाड़ पर सूर्य गेट तक की यात्रा की। उन्होंने इस दौरान इंका खंडहर की लुभावनी तस्वीरें लीं। उन्होंने बताया कि यह एक एग्रीकल्चर टैरेस की तरह था, जिससे बादलों से घिरे जंगल के दृश्य दिखाई देते हैं। करीब 3650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित फुयुपाटामार्का

खंडहरों को भी उन्होंने कैमरे में कैद किया।
मितुल ने बताया कि इन खंडहरों को पेरू सरकार संरक्षित करती है। इंका के खंडहरों के बाद मितुल के दूसरी साहसिक और रोमांचकारी यात्रा रही अमाजोन रेनफोरेस्ट । अपने सात दिवसीय इस अभियान के दौरान मितुल ने अद्वितीय वनस्पतियों और जीव-जंतुओं की  तस्वीरें खींचीं।

सात साल से फोटोग्राफी कर रहे
मितुल दीक्षित 2009 से फोटोग्राफी कर रहे हैं। वह कहते है कि स्कूल के समय में तो फोटो खींचना एक हॉबी ही थी लेकिन एक मुकाम पर पहुंचने के बाद हॉबी पैशन में बदल गई। और फोटोग्राफी का पैशन मुझे सात महाद्वीपों की यात्रा पर ले गया।


लिख रहे हैं यात्रा पर पुस्तक
मितुल दीक्षित अंटार्कटिका की अपनी यात्रा पर ‘गॉड्स आन कैनवस’ नाम से किताब लिख रहे हैं। इसमें उन्होंने आइसवर्ग से लेकर  पेंगुइन की विभिन्न प्रजातियों की तस्वीरें शामिल की हैं। इसके अलावा इसमें अंटार्कटिका की उच्चतम चोटी माउंट विंसन की तस्वीरें भी शामिल हैं।

 
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