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Mohali: छतबीड़ चिड़ियाघर में दुर्लभ प्रजाति के दो मगरमच्छों की मौत, डेढ़ माह से मामला दबा रहे अधिकारी

Thu, 29 Feb 2024 12:25 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 29 Feb 2024 12:25 AM IST
सार

मोहाली के छतबीड़ चिड़ियाघर में दुर्लभ प्रजाति के दो मगरमच्छों की मौत हो गई है। जानकरी के मुताबिक हैदराबाद से दुर्लभ प्रजाति के चार मगरमच्छ को छतबीड़ चिड़ियाघर लाया गया था। अधिक ठंड और पर्याप्त इंतजाम के अभाव में निमोनिया की चपेट में आने से दो मगरमच्छों की मौत हो गई। हालांकि अधिकारियों ने डेढ़ महीने से मामले को छिपा रखा है।

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Two crocodiles of rare species die in Chhatbir Zoo of Mohali
मगरमच्छों की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छतबीड़ चिड़ियाघर में दो मगरमच्छों की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों मगरमच्छ दुर्लभ प्रजाति के थे और हैदराबाद से लाए गए थे। इनकी मौत करीब डेढ़ माह पहले 16 जनवरी को ठंड के दौरान निमोनिया (रेस्पिरेटरी शॉक) होने से हुई थी। चिड़ियाघर प्रबंधन तब से अब तक दोनों मगरमच्छों की मौत की बात छिपा रहा था। अब बात सामने आने पर भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। 

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चिड़ियाघर के दफ्तर से मिली जानकरी के अनुसार हैदराबाद से दुर्लभ प्रजाति के चार मगरमच्छ छतबीड़ चिड़ियाघर लाए गए थे। जनवरी में अधिक ठंड पड़ने के दौरान दो मगरमच्छ चिड़ियाघर के वातावरण में खुद को ढाल नहीं पाए। ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण उन्हें ठंड लग गई, जिससे निमोनिया की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। 
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चिड़ियाघर प्रबंधन दोनों की मौत की बात दबाने में जुट गया। हालांकि अंदरखाने उच्च अधिकारियों द्वारा इस मामले की जांच कराई जा रही है लेकिन अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बीते सप्ताह भी किसी जंगली जानवर के चिड़ियाघर में घुसने के बाद हिरण और जंगली भैसों में मुंहपका और खुरपका की बिमारी फैल गई थी।  

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इस संबंध में छतबीड़ चिड़ियाघर की फील्ड डायरेक्टर के. कल्पना से बात करने की कोशिश की गई लेकिन न तो वह अपने कार्यालय में मिलीं और न ही फोन उठाया। इसके बाद मृत मगरमच्छों का पोस्टमार्टम करने वाले चिड़ियाघर के डॉक्टर भूपेश से बात कर मौत की वजह जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने भी टालमटोल करते हुए कोई ठोस जवाब नहीं दिया।

चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन धर्मेंद्र कुमार को भी कई बार कॉल किया गया लेकिन उन्होंने भी बात नहीं की। यह हालत तब है जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी सरकारी अधिकारियों को लोगों के फोन उठाने और उन्हें संतुष्ट करने का निर्देश दे रखा है। 

अब टाइगर अमन को नही देख पाएंगे सैलानी

छतबीड़ चिड़ियाघर प्रसाशन की ओर से केंद्र सरकार की एक्सचेंज पॉलिसी के तहत चिड़ियाघर के टाइगर अमन को लुधियाना शिफ्ट कर दिया गया है। अब सैलानी छतबीड़ चिड़ियाघर में अमन को नहीं देख पाएंगे। उधर, एक्सचेंज पॉलिसी के तहत टाइगर अमन के बदले अब तक कोई जानवर चिड़ियाघर में नहीं लाया गया है। बता दें कि चिड़ियाघर में कुल छह टाइगर थे और अमन के जाने के बाद अब केवल पांच टाइगर बच गए हैं। 

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