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Punjab: भाजपा की पहली सूची पर विवाद शुरू, गुरदासपुर से कविता खन्ना और स्वर्ण सलारिया ने ठोकी ताल
Tue, 02 Apr 2024 09:04 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरदासपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 02 Apr 2024 09:04 AM IST
सार
भाजपा ने पंजाब में छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। इनमें गुरदासपुर से सनी देओल का टिकट काटकर दिनेश बब्बू को मैदान में उतारा गया है। अब इस पर गुरदासपुर के पूर्व सांसद विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना और स्वर्ण सलारिया ने नाराजगी जाहिर की है।
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Kavita Khanna
- फोटो : File Photo
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में गुरदासपुर सीट से दिनेश बब्बू को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। अब इस पर पार्टी में नाराजगी के सुर उभरने लगे हैं। भाजपा के दो बड़े चेहरों ने अपनी नाराजगी जाहिर भी कर दी है।
इनमें पहली नेता गुरदासपुर के पूर्व सांसद एवं पुले के राजा के नाम से जाने जाने वाले विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना हैं। दूसरे भाजपा की ओर से उपचुनाव में सुनील जाखड़ को चुनौती देने वाले स्वर्ण सलारिया।
कविता खन्ना ने बताया कि विनोद को अंतिम क्षणों तक गुरदासपुर की चिंता थी। गुरदासपुर में आने के बाद लोगों से बहुत प्यार मिला। उन्हें 36 साल हो गए हैं लोगो की सेवा करते-करते। इसके चलते वे यहां कविता-विनोद खन्ना फाउंडेशन स्थापित कर बच्चों के भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ तो नहीं कहा कि वह चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन उनका कहना है कि मैं सभी सर्वे में जीतती थी, सो यहां मैं सेवा करूंगी।
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वहीं, स्वर्ण सलारिया ने भी कहा कि वह लोकल हैं तथा पिछले कई साल से सलारिया जनसेवा फाउंडेशन के जरिए पांच लाख लोगों तक पहुंच रखते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति के जरिए ही लोगों की असल मुद्दों को ठीक किया जा सकता है। इसलिए चाहे जो भी हो वह चुनाव लड़ेंगे। चाहे किसी पार्टी से या आजाद परंतु चुनाव तो वह लड़ेंगे।
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इनमें पहली नेता गुरदासपुर के पूर्व सांसद एवं पुले के राजा के नाम से जाने जाने वाले विनोद खन्ना की पत्नी कविता खन्ना हैं। दूसरे भाजपा की ओर से उपचुनाव में सुनील जाखड़ को चुनौती देने वाले स्वर्ण सलारिया।
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कविता खन्ना ने बताया कि विनोद को अंतिम क्षणों तक गुरदासपुर की चिंता थी। गुरदासपुर में आने के बाद लोगों से बहुत प्यार मिला। उन्हें 36 साल हो गए हैं लोगो की सेवा करते-करते। इसके चलते वे यहां कविता-विनोद खन्ना फाउंडेशन स्थापित कर बच्चों के भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ तो नहीं कहा कि वह चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन उनका कहना है कि मैं सभी सर्वे में जीतती थी, सो यहां मैं सेवा करूंगी।
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वहीं, स्वर्ण सलारिया ने भी कहा कि वह लोकल हैं तथा पिछले कई साल से सलारिया जनसेवा फाउंडेशन के जरिए पांच लाख लोगों तक पहुंच रखते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति के जरिए ही लोगों की असल मुद्दों को ठीक किया जा सकता है। इसलिए चाहे जो भी हो वह चुनाव लड़ेंगे। चाहे किसी पार्टी से या आजाद परंतु चुनाव तो वह लड़ेंगे।