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Chandigarh News: एमडी की फोटो लगाकर कर्मचारी से 1.90 करोड़ ठगे, नोएडा से दो गिरफ्तार
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चंडीगढ़। व्हाट्सएप पर कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) की तस्वीर लगाकर कर्मचारी से 1.90 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम थाना टीम ने आरोपियों को नोएडा, उत्तर प्रदेश से पकड़ा। उनकी पहचान दीन दयाल भारती (40) और कुलदीप सिंह (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक साइबर गीतांजलि खंडेलवाल के दिशा-निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। मामले में 17 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम थाना चंडीगढ़ में एफआईआर नंबर 60 दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, कर्मचारी को व्हाट्सऐप पर एमडी के नाम से संदेश मिला। ठगों ने एमडी की डिस्प्ले पिक्चर लगाकर बताया कि वह बैठक में व्यस्त हैं और कर्मचारी को तत्काल 1.90 करोड़ रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। कर्मचारी ने संदेश को असली समझकर कंपनी खाते से रकम भेज दी। दोबारा रकम मांगने पर उसने एमडी से संपर्क किया तो ठगी का पता चला।
फर्जी पहचान से खुलवाया खाता
पुलिस के अनुसार रकम नोएडा की बीटीओ स्टेपमाइल रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड के चालू खाते में भेजी गई। आरोपियों ने फर्जी पहचान के लिए आधार और पैन समेत अन्य दस्तावेज इस्तेमाल किए। दीन दयाल ने बैंक खाते में अपना नाम अरविंद चौधरी और कुलदीप ने बंटू सिंह बताया था।
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कमीशन पर करते थे ठगी
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में छापे मारकर दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर ठगी करने की बात बताई। पुलिस के अनुसार वही इस मामले का मास्टरमाइंड है। दोनों आरोपी कमीशन के आधार पर साइबर ठगी करते थे। दो दिन के रिमांड के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक साइबर गीतांजलि खंडेलवाल के दिशा-निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। मामले में 17 अप्रैल 2026 को साइबर क्राइम थाना चंडीगढ़ में एफआईआर नंबर 60 दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, कर्मचारी को व्हाट्सऐप पर एमडी के नाम से संदेश मिला। ठगों ने एमडी की डिस्प्ले पिक्चर लगाकर बताया कि वह बैठक में व्यस्त हैं और कर्मचारी को तत्काल 1.90 करोड़ रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। कर्मचारी ने संदेश को असली समझकर कंपनी खाते से रकम भेज दी। दोबारा रकम मांगने पर उसने एमडी से संपर्क किया तो ठगी का पता चला।
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फर्जी पहचान से खुलवाया खाता
पुलिस के अनुसार रकम नोएडा की बीटीओ स्टेपमाइल रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड के चालू खाते में भेजी गई। आरोपियों ने फर्जी पहचान के लिए आधार और पैन समेत अन्य दस्तावेज इस्तेमाल किए। दीन दयाल ने बैंक खाते में अपना नाम अरविंद चौधरी और कुलदीप ने बंटू सिंह बताया था।
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कमीशन पर करते थे ठगी
तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर और नोएडा में छापे मारकर दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर ठगी करने की बात बताई। पुलिस के अनुसार वही इस मामले का मास्टरमाइंड है। दोनों आरोपी कमीशन के आधार पर साइबर ठगी करते थे। दो दिन के रिमांड के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।