Rohtak: आत्महत्या प्रकरण में नया मोड़, पति की आत्महत्या के बाद वीजा कंपनी ने खाते में जमा कराए चार लाख रुपये
भिवानी के जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने 24 जनवरी को जहर निगला था। बेटी का कनाडा का वीजा लगाने के लिए 18 लाख रुपये जमा कराए थे, 10 लाख रुपये अब भी बकाया है। इनेलो के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश राठी बोले - मैंने केवल सलाह दी थी, बेवजह नाम घसीटा जा रहा है।
विस्तार
रोहतक के महम शहर के वार्ड नंबर पांच में बेटी का कनाडा जाने का वीजा न लगने के कारण परेशान होकर जहर निगलकर आत्महत्या करने वाले भिवानी में तैनात जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक संजय की मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मृतक की पत्नी अनीता का कहना है कि उनके पति की मौत के बाद कंपनी ने चार लाख रुपये उनके बैंक खाते में भेजे हैं। इससे पहले कभी 20 हजार तो कभी 30 हजार रुपये भेजे। अब भी 10 लाख के करीब रुपये कंपनी में फंसे हुए हैं।
दूसरी ओर आरोपी एवं इनेलो के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश राठी का कहना है कि उसने तो केवल सलाह दी थी। वीजा के लिए राशि कंपनी के खाते में परिवार द्वारा डाले गए थे। उसका नाम मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है। उधर, मामले की जांच कर रहे एसआई सोमबीर का कहना है कि गहराई से मामले की छानबीन कर रहे हैं। अभी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
यह है मामला
पुलिस के मुताबिक, वार्ड नंबर 5 निवासी अनीता ने पुलिस शिकायत में बताया था कि उसकी बेटी को पढ़ाई के लिए कनाडा जाना था। उनके पति संजय कुमार ने जुलाई 2023 में सतीश राठी के कहने पर एक कंसल्टेंट कंपनी के खाते में 16 लाख रुपये 19 जुलाई को और 70 हजार रुपये अगले दिन आरटीजीएस द्वारा ट्रांसफर कर दिए। उसने फिर कंपनी के कहने पर 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बताया कि दिसंबर 2023 को उसकी बेटी और पति चंडीगढ़ गए और कंपनी को वीजा न लग पाने के कारण रकम वापस देने के लिए आग्रह किया। आरोप है कि कंपनी ने रुपये नहीं लौए। इससे परेशान होकर संजय कुमार ने 24 जनवरी को जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश राठी और ग्रुप के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था।
कंपनी ने एग्रीमेंट लेकर किया था काम शुरू, मुझे बेवजह घसीटा जा रहा
मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं, क्योंकि मुझसे सलाह मांगी गई थी। मैंने अच्छी और विश्वास पात्र कंपनी के बारे में बताया था। कंपनी की ओर से इसके लिए एग्रीमेंट लिखित में लेकर कार्य शुरू किया गया था। उसके बाद उन्होंने वीजा न लेने की बात कहकर एग्रीमेंट रद्द करवा दिया, जिसके बाद कंपनी द्वारा समय-समय पर रुपये लौटाने शुरू कर दिए। जहां तक मुझे जानकारी है, कंपनी द्वारा लगभग रकम वापस दी जा चुकी है, लेकिन इसमें मेरा कोई रोल नहीं है। मुझे बेवजह घसीटा जा रहा है। -सतीश राठी, पूर्व जिला अध्यक्ष, इनेलो।
मेरे पति की आत्महत्या के बाद खाते में आए 4 लाख रुपये
पति की मौत के बाद चार लाख रुपये कंपनी द्वारा दिए गए हैं। इससे पहले 20 या 30 हजार रुपये वापस किए थे। अब भी कंपनी की तरफ हमारी 10 लाख के करीब रकम बची हुई। कंपनी द्वारा वीजा न लगाने के कारण हमने दूसरी कंपनी से करार किया, जिसमें उनके 6 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। पहले वाली कंपनी द्वारा रकम न लौटाने के कारण दूसरी कंपनी को भी हम रुपये नहीं दे सके, जिसके कारण हमारा काम अटक गया है। - अनीता, मृतक की पत्नी एवं शिकायतकर्ता।
शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो कुछ भी सामने आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -एसआई सोमबीर सिंह, पुलिस चौकी, महम।