{"_id":"6490b500f4dfd18c8f0e4786","slug":"tv-bought-online-from-tata-company-turned-out-to-be-bad-chandigarh-news-c-71-1-mli1002-1950-2023-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: टाटा कंपनी से ऑनलाइन खरीदा टीवी निकला खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: टाटा कंपनी से ऑनलाइन खरीदा टीवी निकला खराब
विज्ञापन
मोहाली। एक व्यक्ति ने टाटा कंपनी से 2019 में एमआई टीवी ऑनलाइन खरीदा था जोकि खराब निकल गया था। इसकी शिकायत कंपनी को कस्टमर केयर और ईमेल के जरिए की थी लेकिन कंपनी की तरफ से उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं की। अब अदालत ने कंपनी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए पीड़ित का टीवी ठीक कराने या उसे पूरे पैसे वापस देने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, शिवालिक विहार नयागांव वासी सुशील कुमार ने जिला उपभोक्ता अदालत में शिकायत दी थी कि 2019 में उसने टाटा यूनिस्टोर लिमिटेड से ऑनलाइन 55 इंच का एमआई का एलईडी टीवी खरीदा था। इसमें शुरू से ही स्क्रीन पर एक काला धब्बा आ रहा था। इसकी शिकायत पीड़ित ने कंपनी को कई बार की थी। कस्टमर केयर पर भी बात की तो वहां से भी कोई समस्या का समाधान नहीं किया गया। पीड़ित ने कंपनी को इस बारे में कई बार ईमेल के जरिए भी सूचित किया था। इस पर कंपनी की तरफ से दलील दी गई कि पीड़ित ने कंपनी के खिलाफ झूठी शिकायत की है। यह कंपनी सिर्फ ऑनलाइन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है, जबकि टीवी एमआई कंपनी का है। पीड़ित ने कंपनी को इसमें पार्टी भी नहीं बनाया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया कि कंपनी कोई भी ऐसा एक्सपर्ट और टेक्नीशियन भेजें, जो उस टीवी को 45 दिन के अंदर अंदर ठीक कर सकें। अगर टीवी ठीक होने की हालत में नहीं है तो कंपनी पीड़ित को 30 दिन के अंदर-अंदर पूरे 45,249 रुपये सात प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से वापस करे। अगर 30 दिन में कंपनी ऐसा नहीं करती है तो उसे बाद में नौ प्रतिशत के हिसाब से ब्याज देना होगा। कंपनी पीड़ित को दस हजार रुपये मानसिक तनाव के लिए और दस हजार रुपये कोर्ट खर्चे का भी देना होगा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, शिवालिक विहार नयागांव वासी सुशील कुमार ने जिला उपभोक्ता अदालत में शिकायत दी थी कि 2019 में उसने टाटा यूनिस्टोर लिमिटेड से ऑनलाइन 55 इंच का एमआई का एलईडी टीवी खरीदा था। इसमें शुरू से ही स्क्रीन पर एक काला धब्बा आ रहा था। इसकी शिकायत पीड़ित ने कंपनी को कई बार की थी। कस्टमर केयर पर भी बात की तो वहां से भी कोई समस्या का समाधान नहीं किया गया। पीड़ित ने कंपनी को इस बारे में कई बार ईमेल के जरिए भी सूचित किया था। इस पर कंपनी की तरफ से दलील दी गई कि पीड़ित ने कंपनी के खिलाफ झूठी शिकायत की है। यह कंपनी सिर्फ ऑनलाइन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म है, जबकि टीवी एमआई कंपनी का है। पीड़ित ने कंपनी को इसमें पार्टी भी नहीं बनाया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया कि कंपनी कोई भी ऐसा एक्सपर्ट और टेक्नीशियन भेजें, जो उस टीवी को 45 दिन के अंदर अंदर ठीक कर सकें। अगर टीवी ठीक होने की हालत में नहीं है तो कंपनी पीड़ित को 30 दिन के अंदर-अंदर पूरे 45,249 रुपये सात प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से वापस करे। अगर 30 दिन में कंपनी ऐसा नहीं करती है तो उसे बाद में नौ प्रतिशत के हिसाब से ब्याज देना होगा। कंपनी पीड़ित को दस हजार रुपये मानसिक तनाव के लिए और दस हजार रुपये कोर्ट खर्चे का भी देना होगा।
विज्ञापन