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हरियाणाः ट्रक ऑपरेटरों की चेतावनी, सरकार 10 साल की नीति वापस ले नहीं तो बड़ा आंदोलन

Mon, 03 Dec 2018 03:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींदहरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जींदहरियाणा) Updated Mon, 03 Dec 2018 03:23 PM IST
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Truck Operators Union Ultimatum to Haryana Government to take back 10 Year old  Policy
truck union
ऑल हरियाणा ट्रक ऑपरेटर की प्रदेश स्तरीय बैठक में सरकार को चेताया गया कि वह 10 साल की पॉलिसी को जल्द वापस ले और 15 साल की पॉलिसी के अनुसार सड़कों पर ट्रकों को चलने दे। यदि ऐसा नहीं किया तो प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। आगामी सप्ताह होने वाली बैठक में आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी। रविवार को स्थानीय रोहतक रोड स्थित जींद ट्रक यूनियन के कार्यालय में प्रदेश भर के ट्रक आपरेटरों की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के एनसीआर के 13 जिलों में 10 साल पुराने ट्रकों के नहीं चल पाने को लेकर रोष जताया गया।
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आरोप लगाया कि कि सरकार के फैसले के कारण ट्रक मालिकों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। प्रदेशभर में एक लाख गाड़ियां खड़ी हैं। प्रतिदिन एक ट्रक तीन हजार रुपये की आमदनी होती थी, लेकिन अब ट्रक नहीं चलने से लाखों का नुकसान हो रहा है। बैठक में झज्जर, सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद के ट्रक ऑपरेटर मौजूद रहे। ट्रक ऑपरेटर राजेश कुमार, बलराज शर्मा, कुलदीप, रामकुमार, नरेंद्र झज्जर, चांदीराम, रामकरण, कल्याण सिंह, कृष्ण, खजान सिंह और सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में गाड़ियों के लिए 15 साल की पॉलिसी का नियम रखा था, लेकिन अब 10 साल पुरानी गाड़ियों को ऑफ रोड कर दिया गया है।
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ट्रक मालिकों ने इन ट्रकों पर एक वर्ष के लिए इंश्योरेंस, परमिट व अन्य खर्च कर दिए हैं। उन्हें प्रति ट्रक एक लाख 25 हजार रुपये खर्च करने पड़े हैं। एक वर्ष तक परमिट होने के बावजूद उन पर जबरदस्ती 10 साल की पॉलिसी को थोपा जा रहा है। इससे यूनियन में सरकार के खिलाफ रोष है। ट्रक यूनियनों के अनुसार इस पॉलिसी के बाद प्रदेशभर में एक लाख गाड़ियां बंद हो चुकी हैं। इससे लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं।
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10 साल की पॉलिसी वाली गाड़ी ही दौड़ सकेगी  
एनसीआर पॉलिसी के अनुसार जो गाड़ी अब 10 साल पुरानी है वह सड़कों पर नहीं दौड़ सकेगी। अगर कोई गाड़ी मालिक सड़क पर 10 साल से अधिक पुरानी गाड़ी लेकर जाता है तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। प्रदेशभर के 13 जिले एनसीआर में आते हैं। प्रदेशभर से एक लाख से अधिक ट्रक 10 साल से अधिक हैं, जो एनसीआर पॉलिसी को पूरा नहीं करते।  

गाड़ी मालिकों को हो रहा नुकसान  
सरकार लगातार ट्रक यूनियनों के साथ धोखा कर रही है। इससे पहले भी सरकार ने ट्रकों पर अनाप-शनाप टैक्स लगाकर परेशान किया था। अब प्रदेशभर में एक लाख ट्रकों को यह कह कर बंद कर दिया कि ये सभी ट्रक एनसीआरसी की पॉलिसी को पूरा नहीं करते। जो ट्रक प्रति महीना 30 से 35 हजार रुपये कमाते थे, अब उनके रख-रखाव पर उलटा खर्च ही करना पड़ रहा है।
 -सतबीर ढांडा, जींद ट्रक यूनियन प्रधान  

जल्द पुरानी पॉलिसी लगे नहीं की तो करेंगे आंदोलन
2016 में सुप्रीम कोर्ट ने गाड़ियों की अवधि बढ़ाकर 15 साल की गई थी, लेकिन अब सरकार ने फिर से एनसीआर पॉलिसी के तहत गाड़ियों की अवधि 10 साल कर दी और आज प्रदेशभर में एक लाख ट्रक ऑफ रोड हो चुके हैं। इससे ट्रक मालिकों में सरकार के खिलाफ भारी रोष हैं। अगर सरकार ने जल्द से जल्द समाधान नहीं किया तो प्रदेशभर की ऑल हरियाणा ट्रक ऑपरेटर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

 - रविंद्र भतानी, प्रधान झज्जर

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से 10 साल पुराने वाहन बंद करने के निर्देश मिले हैं। हरियाणा ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से इस बारे में गाइड लाइन मांगी गई है कि यह वाहन केवल दिल्ली में ही बंद होंगे या एनसीआर क्षेत्र में भी। हरियाणा के 13 जिले एनसीआर में आते हैं। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से गाइड लाइन मिलने के बाद ही इस मामले में आगे कुछ कहा जा सकता है।  
- जिले सिंह यादव, सहायक सचिव, आरटीए, जींद

 
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