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प्यार, शादी, बेवफाई और पछतावा देख दर्शकों की भींगीं पलकें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 May 2016 01:36 AM IST
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टैगोर थियेटर में नाटक मंचन
- फोटो : amar ujala
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टैगोर थिएटर में बुधवार को नाटक ट्रांसपोस्ड डिजायर का मंचन हुआ। जिसे डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स व चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की तरफ से करवाया गया। गिरीश कर्नाड द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन सुरिंदर अरोड़ा ने किया। नाटक की कहानी देवदत्त, पदमिनी और कपिल के इर्द-गिर्द घूमती है।
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कहानी में दिखाया गया कि देवदत - पदमिनी शादी कर लेते है। छह महीने तक तो सब कुछ ठीक चलता है लेकिन उसके बाद पदमिनी को अहसास होता है कि उसका पति समझदार और अच्छा लेखक तो है लेकिन वह उसके लिए समय नहीं निकल पाता। वहीं दोस्त कपिल पहलवान है।
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वह अपने काम से जल्द निपटा कर भाभी पदमिनी के साथ पूरा समय निकलता हैं। एक दिन वह तीनों यात्रा पर निकलते हैं। इस दौरान रास्ते में मंदिर आ जाता है जिसे देख्रकर देवदत्त को याद आता है कि उसने शादी से पहल प्रण लिया था कि अगर प्रदमिनी जैसी खूबसूरत लड़की उसे मिल गई तो वह भगवान के आगे अपना सिर बलिदान कर देगा।
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यह बात याद आते ही वह तुरंत अपना सिर काट देता हैं। कपिल को जब यह देखता है तो उसे लगता है कि देवदत्त को उस पर शक हुआ इसलिए उसने यह सब किया। इसलिए निराश और लज्जित होकर वह भी अपना सिर काट देता हैं। यह सब देखकर पदमिनी भी अपना सिर काटने की बात सोचती है।
इसी समय वहां पर एकदम से देवी प्रगट होती है और वह पदमिनी से कुछ मांगने को कहती हैं। सुनते ही पदमिनी कहती है कि उसके पति का सिर कपिल के धड़ के साथ जोड़ दे। इसके बाद कहानी में नया मोड़ आता हैं दोनों के सिर बदल जाने के बाद उनमें काफी बदलाव भी आ जाता है। जिसे देखकर पदमिनी को अपनी गलती का अहसास होता है।