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Chandigarh News: टॉप-100 में ट्राइसिटी के चार होनहार, राघव गोयल की 20वीं रैंक

Sun, 30 Apr 2023 01:38 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Apr 2023 01:38 AM IST
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Tricity's four promising, Raghav Goyal's 20th rank in top-100
चंडीगढ़। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने इंजीनियरिंग दाखिलों के लिए देश की सबसे बड़ी संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य यानी जेईई मेन (सत्र-2) का परिणाम एनटीए जेईई की आधिकारिक वेबसाइट पर शनिवार सुबह जारी किया गया गया। चार विद्यार्थियों ने ट्राइसिटी टॉप किया है। चारों ऑल इंडिया टॉप-100 में शामिल हैं। राघव गोयल ने ऑल इंडिया 20वीं, काम्यक चन्ना ने ऑल इंडिया 21वीं, आर्यन चुघ ने ऑल इंडिया 56वीं और मौलिक जिंदल ने ऑल इंडिया 75वीं रैंक हासिल की है। राघव और काम्यक ने शत प्रतिशत 100 परसेंटाइल स्कोर किया है। परीक्षा 6 से 15 अप्रैल तक देशभर में विभिन्न केंद्रों पर हुई थी।
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बता दें कि छात्रों को स्कोर में सुधार के लिए अवसर देने के लिए जेईई (मेन) दो सत्रों में आयोजित किया जाता है जबकि जेईई एडवांस केवल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश के लिए है। जेईई मेन भारत में कई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और अन्य केंद्र-सहायता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए है।
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जेईई एडवांस में बैठने के लिए छात्रों को जेईई मेन में शामिल होना अनिवार्य होता है। ट्राइसिटी टॉपर्स ने बताया कि जेईई में सफलता के लिए दसवीं के बाद से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। जेईई की परीक्षा दो से तीन साल का संघर्ष मांगती है। परीक्षा से कुछ माह पहले तैयारी शुरू करने से परीक्षा को पास नहीं किया जा सकता।
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बड़े भाई से मिली प्रेरणा, आईआईटी बांबे करनी है पढ़ाई : राघव
सेक्टर-15 निवासी 17 वर्षीय राघव गोयल भवन विद्यालय पंचकूला के छात्र हैं। पिता पंकज गोयल और मां ममता गोयल दोनों कारोबारी हैं। बड़े भाई प्रणव गोयल आईआईटी बॉम्बे से पासआउट हैं और वर्तमान में इंजीनियर हैं। राघव भी अपने भाई की तरह आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं। राघव ने बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत की थी लेकिन इतनी अच्छी रैंक की उम्मीद नहीं थी। तैयारी के दौरान पढ़ाई का आनंद लिया, इसे बोझ नहीं बनाया। दिन में पढ़ाई के लिए कोई निश्चित घंटे तय नहीं किए थे। खाली समय में संगीत सुनना पसंद है।

शतरंज का खिलाड़ी, कंप्यूटर इंजीनियर बनना लक्ष्य : काम्यक

ढकोली निवासी 17 वर्षीय काम्यक चन्ना डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-8 के छात्र हैं। मां लतिका चन्ना, मनीमाजरा के मॉडर्न हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में डीसी मोंटेसरी स्कूल में शिक्षक हैं जबकि पिता जितेंद्र चन्ना नारायणगढ़ में एचडीएफसी बैंक में कार्यरत हैं। काम्यक घर के इकलौते बेटे हैं। वह कहते हैं कि उनकी हमेशा से कंप्यूटर में रुचि थी इसलिए कंप्यूटर इंजीनियरिंग बनने लक्ष्य तय किया। काम्यक ने बताया जेईई का सफर कुछ महीनों का नहीं होता है, उम्मीदवार को लगातार प्रतिदिन दो से तीन वर्ष तक संघर्ष करना पड़ता है। वह आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। जेईई एडवांस की तैयारी के लिए वह मॉक टेस्ट लेने और पाठ्यक्रम को संशोधित करने पर अधिक ध्यान केंद्रित करेंगे। बताया कि वह दिन में लगभग सात से आठ घंटे पढ़ाई करते हैं और तनाव कम करने के लिए सैर और दोस्तों के साथ बात करना पसंद है। शतरंज के जिला स्तर के खिलाड़ी रहे हैं और 2018 में इसके लिए स्वर्ण पदक जीता था।

परीक्षा का तनाव न लें, लगातार अभ्यास, मॉक टेस्ट जरूरी : आर्यन

सेक्टर-68 निवासी आर्यन चुघ गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-35 के छात्र हैं। पिता राजीव चुघ सेक्टर-15 में डीएवी मॉडल स्कूल में भौतिकी के शिक्षक हैं और उनकी मां खुशवंत कौर सेक्टर-26 के एसजीजीएस कॉलेज में प्रोफेसर हैं। आर्यन ने बताया कि वह परीक्षा की तैयारी को लेकर किसी तरह का तनाव नहीं लेते। दूसरे विद्यार्थियों को भी बिना तनाव के परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए। परीक्षा में सफल होने के लिए लगातार अभ्यास और मॉक टेस्ट देना जरूरी है। समय पर रिवीजन करते रहना चाहिए। वह आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। बताया कि क्रिकेट खेलने का शौक है, क्रिकेट खेलना उनके लिए दवाई जैसा है।


सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, लगातार मेहनत जरूरी : मौलिक
सेक्टर-46 निवासी 17 वर्षीय मौलिक जिंदल ने बताया कि वह इससे अच्छी रैंक की उम्मीद कर रहे थे क्योंकि उन्होंने काफी मेहनत की थी। मौलिक भवन विद्यालय पंचकूला के छात्र हैं। उन्होंने एनएसईपी (भौतिकी), एनएसईसी (रसायन विज्ञान), एनएसईए (खगोल विज्ञान) और आईओक्यूएम (गणित ओलंपियाड) के लिए भी पूर्व-योग्यता प्राप्त की है। उनके पिता रोहित जिंदल का कंप्यूटर हार्डवेयर का व्यवसाय है और माता रेखा जिंदल गृहिणी हैं। मौलिक आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। मौलिक ने बताया कि लगातार अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। इसका कोई शॉर्टकट नहीं है। खाली समय में टेबल टेनिस देखना और खेलना पसंद है।
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