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Chandigarh News: गंभीर घायलों के लिए संजीवनी बने पीजीआई और जीएमसीएच-32 के ट्रॉमा सेंटर
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चंडीगढ़। सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए समय पर इलाज बेहद अहम होता है। सिर में चोट, कई हड्डियां टूटने या आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचने पर सर्जरी और गहन चिकित्सा की जरूरत पड़ती है। चंडीगढ़ में पीजीआई और जीएमसीएच-32 के ट्रॉमा सेंटर गंभीर घायलों को उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। यहां चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों से भी मरीज पहुंचते हैं।
पीजीआई के एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर में वर्ष 2023 में 12,578 मरीज भर्ती हुए थे। वर्ष 2024 में 8,860 और वर्ष 2025 में 9,806 नए दाखिले दर्ज किए गए। सेंटर में 100 बेड और पांच ऑपरेशन थिएटर हैं। यहां मरीजों की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख, सर्जरी और गहन चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है।
जीएमसीएच-32 में रोजाना करीब 200 मरीज
जीएमसीएच-32 में अगस्त 2025 में शुरू हुआ इमरजेंसी-कम-ट्रॉमा सेंटर भी गंभीर घायलों के इलाज में अहम भूमिका निभा रहा है। यहां रोजाना करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं। केंद्र में 283 बेड हैं और इसके निर्माण पर करीब 52.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। दोनों संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं से गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार देने में मदद मिल रही है।
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पीजीआई के एडवांस्ड ट्रॉमा सेंटर में वर्ष 2023 में 12,578 मरीज भर्ती हुए थे। वर्ष 2024 में 8,860 और वर्ष 2025 में 9,806 नए दाखिले दर्ज किए गए। सेंटर में 100 बेड और पांच ऑपरेशन थिएटर हैं। यहां मरीजों की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख, सर्जरी और गहन चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है।
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जीएमसीएच-32 में रोजाना करीब 200 मरीज
जीएमसीएच-32 में अगस्त 2025 में शुरू हुआ इमरजेंसी-कम-ट्रॉमा सेंटर भी गंभीर घायलों के इलाज में अहम भूमिका निभा रहा है। यहां रोजाना करीब 200 मरीज पहुंच रहे हैं। केंद्र में 283 बेड हैं और इसके निर्माण पर करीब 52.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। दोनों संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं से गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार देने में मदद मिल रही है।
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