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Chandigarh News: कभी 1500 की छलांग, कभी गिरावट, लाखों निवेशक परेशान

Sat, 17 Oct 2026 02:49 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:49 AM IST
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Sometimes a jump of 1500 points, at other times a decline, millions of investors are troubled.
चंडीगढ़। शेयर बाजार में जारी भारी उतार-चढ़ाव ने चंडीगढ़ के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कभी एक ही सत्र में सेंसेक्स 1500 अंक से ज्यादा उछल रहा है तो कभी गिरावट से निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, रुपये की कमजोरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बाजार की चाल को प्रभावित कर रही है। दूसरी ओर, कंपनियों के तिमाही नतीजों और आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिल रहा है।
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चंडीगढ़ में भी शेयर बाजार में निवेश करने वालों का बड़ा आधार है। चंडीगढ़ के एक्सपर्ट गुरदीप सिंह ने बताया कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार 4 जुलाई 2026 तक शहर में 5,32,120 पंजीकृत ट्रेडिंग क्लाइंट खाते थे। वर्ष 2025 में इनमें 74,388 खाते जुड़े थे। अगस्त 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में विशिष्ट पंजीकृत निवेशकों की संख्या करीब 2.62 लाख है।
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एक दिन में 1534 अंक उछला सेंसेक्स
बाजार में अस्थिरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 15 अक्तूबर को सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11 प्रतिशत उछलकर 74,315.61 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 374.65 अंक बढ़कर 22,997.35 पर पहुंच गया। इससे पहले 14 अक्टूबर को दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई थी।
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16 अक्तूबर को आईटी शेयरों ने संभाला बाजार
16 अक्तूबर को लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में तेजी देखने को मिली। आईटी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 413.66 अंक यानी 0.56 प्रतिशत चढ़कर 74,729.27 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 148.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत बढ़कर 23,146.15 पर पहुंच गया।


विदेशी बिकवाली और महंगा तेल बढ़ा रहे दबाव
चंडीगढ़ के अभिनव चड्ढा ने बताया कि बाजार में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव के पीछे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी बॉन्ड पर ऊंचा प्रतिफल और रुपये की कमजोरी जैसे कारक अहम हैं। वैश्विक ब्याज दरों और आर्थिक हालात को लेकर अनिश्चितता निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करती है। अभिनव चड्ढा ने कहा कि बाजार की इस उठापटक के बीच निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे सिर्फ एक-दो दिन की तेजी या गिरावट देखकर निवेश का फैसला न करें। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, शेयर के मूल्यांकन और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही निवेश करना समझदारी होगी।
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