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इस दिन होगी ट्रकों की हड़ताल, आपके रोजमर्रा के काम में आएगी अड़चन
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Fri, 07 Apr 2017 09:26 AM IST
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ट्रकों की हड़ताल
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सरकार के साथ ट्रांसपोर्टस का टकराव बढ़ गया है, जिसका ट्रक वाले हड़ताल पर जा रहे हैं, जिसका असर आपके रोजमर्रा के कामों पर पड़ने वाला है। अब चक्का जाम होने जा रहा है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की अपील पर पंजाब के ट्रांसपोर्टर्स आठ अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। आठ अप्रैल सुबह छह बजे से प्रदेश के एक लाख से अधिक ट्रकों का चक्का जाम हो जाएगा। यदि हड़ताल लंबी चलती है तो इससे पंजाब की मंडियों में आ रहे गेहूं की लिफ्टिंग बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लुधियाना एसोसिएशन के प्रधान चरण सिंह लोहारा का कहना है कि आठ अप्रैल सुबह छह बजे से सभी ट्रक अनिश्चितकाल के लिए ऑफ रोड हो जाएंगे। आठ अप्रैल के बाद भेजने वाले माल की बुकिंग नहीं की जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल लंबी चली तो आवश्यक वस्तुओं की कमी आ सकती है। फल सब्जी के दाम आसमान छू सकते हैं और आम का सीजन चौपट हो सकता है।
पंजाब फ्रूट एंड वेजिटेबल कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव एवी सिंह ने कहा कि हड़ताल से किसानों को सबसे अधिक नुकसान होगा। यह आम, अनार और प्याज का सीजन है। सप्लाई न होने से फल खराब होना तय है। सरकार को चाहिए कि वह ट्रांसपोर्टरों से बातचीत करके मसले का हल करवाए।
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ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लुधियाना एसोसिएशन के प्रधान चरण सिंह लोहारा का कहना है कि आठ अप्रैल सुबह छह बजे से सभी ट्रक अनिश्चितकाल के लिए ऑफ रोड हो जाएंगे। आठ अप्रैल के बाद भेजने वाले माल की बुकिंग नहीं की जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल लंबी चली तो आवश्यक वस्तुओं की कमी आ सकती है। फल सब्जी के दाम आसमान छू सकते हैं और आम का सीजन चौपट हो सकता है।
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पंजाब फ्रूट एंड वेजिटेबल कमीशन एजेंट्स एसोसिएशन के महासचिव एवी सिंह ने कहा कि हड़ताल से किसानों को सबसे अधिक नुकसान होगा। यह आम, अनार और प्याज का सीजन है। सप्लाई न होने से फल खराब होना तय है। सरकार को चाहिए कि वह ट्रांसपोर्टरों से बातचीत करके मसले का हल करवाए।
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इस वजह से होने वाली है हड़ताल
ट्रकों की हड़ताल
एक अप्रैल से बीमा प्रीमियम में जबरदस्त इजाफा, टोल टैक्स में वृद्धि, जीएसटी में रजिस्ट्रेशन इत्यादि को लेकर देश भर के ट्रांसपोर्टर सरकार से खफा हैं। उनका कहना है कि लागत में लगातार इजाफा हो रहा है, जबकि आर्थिक सुस्ती के चलते किराए भाड़े नहीं बढ़ पा रहे हैं। ऐसे में कारोबार चलाना कठिन हो रहा है। अब संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। ट्रांसपोर्टरों की देशव्यापी हड़ताल को पंजाब के कारोबारियों ने भी अपना भरपूर समर्थन दिया है।