फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Transport Minister meeting with GM of Transport Depots in Karnal

परिवहन मंत्री ने की रोडवेज महाप्रबंधकों की खिंचाई, अवैध बसों पर शिकंजा कसने का दिया आदेश

Wed, 11 Dec 2019 08:01 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 11 Dec 2019 08:01 PM IST
विज्ञापन
Transport Minister meeting with GM of Transport Depots in Karnal
परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा

राज्य परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने बुधवार को कर्ण लेक पर प्रदेश के सभी परिवहन डिपों के महाप्रबंधकों की बैठक लेकर परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर मंथन किया। उन्होंने जिलावार प्रत्येक जीएम से रोडवेज से संबंधित तमाम खामियां पूछीं। साथ ही प्रदेश में करीब एक हजार अवैध बसें चली होने के मामले पर अधिकारियों की खिंचाई की।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इन बसों के कारण रोडवेज को घाटा हो रहा है। परिवहन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना यह अवैध बसें कैसे चल रही हैं। अवैध बसों में सवारियां भरकर पहले चलाई जाती है, उसके बाद पीछे से रोडवेज की खाली बस चलती है। बैठक में प्रदेश के परिवहन बेड़े के संचालन में कई खामियां सामने आईं। 
विज्ञापन


मौके पर मौजूद विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएन राय ने अधिकारियों से सुझाव मांगे। पिछले पांच साल में कोई बस नहीं खरीद पाने के सवाल पर मंत्री ने महसूस किया और कहा कि अब कमियों को पूरा किया जाएगा। हरियाणा रोडवेज के बेड़े में करीब 3602 बसें हैं। कुछ डिपो में बिना चालक और कंडक्टर के 100 बसें नहीं चल रहीं, जबकि कई जिलों में अतिरिक्त स्टाफ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस पर तय हुआ कि सरप्लस स्टाफ को ट्रांसफर किया जाएगा। यह कार्रवाई जल्द से जल्द होगी। मंत्री ने तमाम कंडम बसों की शीघ्र बोली करने के आदेश दिए। रोडवेज वर्कशॉप में मैकेनिक की कमी के सवाल पर सुझाव आया कि अप्रेंटिस होल्डर को रख लिया जाए। इस पर अभी विचार किया जाएगा। एसीएस ने महाप्रबंधकों से त्वरित समाधान का सुझाव मांगा है। 

नूंह में तकनीकी स्टाफ की कमी और वर्कशॉप में शेड की कमी की बात सामने आई। पंचकूला डिपो की कई बसें पांच दिन से चंडीगढ़ वर्कशाप में मरम्मत की इंतजार में खड़ी हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि एक जीएम के अधीन औसतन 125 से 150 तक बसें आती हैं। इतनी बसों के संचालन में उन्हें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। एक आम किसान के घर में दस तक वाहन हैं। विभाग के पास तमाम संसाधन हैं। उन्होंने सवाल किया कि रोडवेज की वर्कशॉप में कितने दिन में बस की रिपेयर हो जाती हैं। अधिकारी इसका जवाब दें। 

एसीएस एसएन राय ने कहा कि बिहार जैसे राज्य में रोडवेज नाम की चीज नहीं। कई राज्यों में खटारा बसें चल रही हैं। हरियाणा का परिवहन विभाग पूरे देश में विश्वसनीय व अग्रणी है। ओडिशा का उदाहरण देख सकते हैं। हरियाणावासी टैक्स देते हैं, जिससे कर्मचारियों को तनख्वाह मिलती है। जनता के पैसे के साथ न्याय जरूर करें। सभी जीएम आपस में तालमेल बनाकर रखें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed