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आचार संहिता के बावजूद ट्रांसफर, ‘साहब’ के चहेतों को नहीं किया खुश, इसलिए छिनेगा महकमा
Wed, 17 Apr 2019 11:37 AM IST
खुशबू गोयल
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:37 AM IST
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आचार संहिता लगी होने के बावजूद एक ट्रांसफर होने जा रहा है। क्योंकि सिफारिश लगाने के बावजूद ‘साहब’ के चहेतों को आवास नहीं दिया गया। इसलिए चंडीगढ़ प्रशासन के हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट में यह बदलाव होने जा रहा है। एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा से विभाग छीना जा रहा है। चुनाव आचार संहिता के बावजूद ‘साहब’ के निर्देश पर करीब 10 दिन पहले प्रशासन की हाईलेवल मीटिंग में डिपार्टमेंट बदलने का प्रस्ताव पास करके चुनाव आयोग को भेज दिया गया था। चुनाव आयोग ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। अब यूटी प्रशासन में ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय सिंगला को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।
पिछले साल प्रशासन का हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट मकानों के अलॉटमेंट को लेकर विवादों में रहा। शिकायत मिलने पर विभाग के तत्कालीन सेक्रेटरी और पर्यटन सचिव जितेंदर यादव ने एक कमेटी बनाकर सरकारी आवासों की जांच भी करवाई थी, लेकिन विभाग बदलने के बाद यह जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। इसके बाद गत 25 जनवरी को हाउस अलॉटमेंट विभाग एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा को सौंप दिया गया था। इसके पीछे प्रशासनिक अधिकारियों ने हाउस अलॉटमेंट प्रक्रिया में पारदर्शिता का तर्क दिया था। बीएल शर्मा के पास आए इस विभाग को अभी दो महीने से अधिक का ही समय बीता है, एक बार फिर से बदलाव होने जा रहा है।
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पिछले साल प्रशासन का हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट मकानों के अलॉटमेंट को लेकर विवादों में रहा। शिकायत मिलने पर विभाग के तत्कालीन सेक्रेटरी और पर्यटन सचिव जितेंदर यादव ने एक कमेटी बनाकर सरकारी आवासों की जांच भी करवाई थी, लेकिन विभाग बदलने के बाद यह जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई। इसके बाद गत 25 जनवरी को हाउस अलॉटमेंट विभाग एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा को सौंप दिया गया था। इसके पीछे प्रशासनिक अधिकारियों ने हाउस अलॉटमेंट प्रक्रिया में पारदर्शिता का तर्क दिया था। बीएल शर्मा के पास आए इस विभाग को अभी दो महीने से अधिक का ही समय बीता है, एक बार फिर से बदलाव होने जा रहा है।
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विभागीय अफसर कर रहे थे लॉबिंग
चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरकारी आवास के लिए आवेदन कर रखा है। बीएल शर्मा को आवास अलॉटमेंट की कमान मिलने के बाद नियमों के तहत ही लोगों को मकान का आवंटन किया जा रहा है। कुछ अफसरों को अब तक आवास नहीं मिल पाए हैं। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कुछ आवास आवंटन की सिफारिश ‘साहब’ ने भी की है, लेकिन नियमों का हवाला देकर सिफारिश को अनदेखा कर दिया गया। इसमें कुछ अफसरों के साथ पत्रकार भी शामिल हैं। बीएल शर्मा की कार्यशैली से नाराज विभाग के सेटिंग-गेटिंग करने वाले कर्मचारी भी उन्हें हटाने के लिए लॉबिंग करने में जुटे थे।
ऐसे हुई बीएल शर्मा को हटाने की प्रक्रिया
एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा से ‘साहब’ इतने नाराज हैं कि चुनाव आचार संहिता के दौरान ही यूटी प्रशासन के आलाधिकारियों की कमेटी बनाकर एक हाईलेवल मीटिंग कर विभाग बदलने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। आनन-फानन में प्रस्ताव को आयोग के पास भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो आयोग से दो दिन पूर्व प्रस्ताव पास होकर प्रशासन को मिल गया है। अब किसी भी दिन प्रशासन हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट की कमान ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय सिंगला दे सकता है। फिलहाल, मामले में प्रशासन का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
ऐसे हुई बीएल शर्मा को हटाने की प्रक्रिया
एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा से ‘साहब’ इतने नाराज हैं कि चुनाव आचार संहिता के दौरान ही यूटी प्रशासन के आलाधिकारियों की कमेटी बनाकर एक हाईलेवल मीटिंग कर विभाग बदलने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। आनन-फानन में प्रस्ताव को आयोग के पास भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो आयोग से दो दिन पूर्व प्रस्ताव पास होकर प्रशासन को मिल गया है। अब किसी भी दिन प्रशासन हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट की कमान ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय सिंगला दे सकता है। फिलहाल, मामले में प्रशासन का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।