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भारत में आत्मघाती हमले को तैयार 200 आतंकी

Sun, 02 Aug 2015 08:04 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर Updated Sun, 02 Aug 2015 08:04 AM IST
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 training is going on of 200 terrorist in pakistan for terror attack

खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकवादी ग्रुप लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद के लिए पाकिस्तान में 48 ट्रेनिंग कैंप चलाए जा रहे हैं। ये कैंप मुजफ्फराबाद और लाहौर के बीच चल रहे हैं। इनकी संख्या 2013 में 42 थी, अब तक यहां से 200 आतंकवादी तैयार हो चुके हैं। वे भारत में फिदायीन अटैक के लिए तैयार हैं।

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केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप को तीन हिस्सों में बांटा गया है। पहले कैंप में सिर्फ भर्ती प्रक्रिया चलती है। ऐसे कैंप जलालाबाद, गढ़ी हबीबुल्ला, बालकोट, खेवादी, बतरासी, एबोटाबाद और अत्तारशीशा में चल रहे हैं।
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वहां पर 35 दिन लगातार आतंकवादियों को सिर्फ काउंसिलिंग व उनको जेहाद के लिए तैयार कर भारत के खिलाफ जहर भरा जाता है। इन कैंपों में उनका पूरा माइंड वाश किया जाता है। ऐसे विजुअल दिखाए जाते हैं, जिससे उनके मन में भारत के लिए प्रति जेहाद पैदा होता है।

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बारह हफ्ते चलती है आधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग

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वहीं आतंकवादियों को आधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग के लिए दुगरी, कुंड, गुलपुर, कोट कोटेरा, सेंसा, सेफेदा और चेलाबंदी में कैंप चलाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इन ट्रेनिंग कैंपों में ट्रेंड कमांडर हथियारों की पूरी ट्रेनिंग देते हैं। यह ट्रेनिंग पूरे 12 हफ्ते चलती है।

इसमें एमएमजी, एलएमजी, एके-47, एके-56, एके 74, चाइनीज पिस्तौल, स्पिनर राइफल, रिमोेट कंट्रोल, टैंक माइनस और आरडीएक्स से बम की तकनीक बताई जाती है। बाकायदा उनका प्रैक्टिकल करवाया जाता है। एजेंसियों के मुताबिक कई बार कैंप में तैयार आतंकवादियों की ट्रेनिंग की अवधि दो हफ्ते तक बढ़ाई जाती है।

इसके बाद में एक हफ्ते में आधुनिक डिवाइस की ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें उनको कंप्यूटर ऑपरेट, जीपीएस सिस्टम ऑपरेट करना, नाइट डिवाइस आदि कैसे इस्तेमाल किए जाए, इसकी जानकारी दी जाती है। तीसरा कैंप बिल्कुल ऑपरेशनल होता है, जहां पर उनको आतंकवादियों के साथ रखा जाता है। वे बिल्कुल घुसपैठ के लिए फाइनल हो जाते हैं और किसी भी समय उनको सीमा में धकेला जा सकता है। ऐसे कैंपों की संख्या करीब 7 है। वे बार्डर से सटे हुए हैं और हमेशा चौकस रहते हैं।

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