फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Traffic police is breaking the rules, zirakpur news

ट्रैफिक पुलिस ही तोड़ रही नियम, निजी बसों को हाईवे पर रोककर बैठाते हैं सवारियां

Thu, 16 Feb 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर Updated Thu, 16 Feb 2017 09:12 AM IST
विज्ञापन
Traffic police is breaking the rules, zirakpur news
निजी बसों को हाईवे पर रोककर बैठाते हैं सवारियां - फोटो : अमर उजाला
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों की ओर से निजी बस आपरेटरों की बसों को बस स्टैंड के अंदर से सवारियां बैठाने की बजाय हाईवे पर रुकवाकर सवारियां चढ़ाए जाने का एक मामला जीरकपुर में सामने आया है। इस संबंध में पीआरटीसी के नवनियुक्त मैनेजर ने एसपी ट्रैफिक को लिखित शिकायत देकर हाईवे पर निजी बसों को रुकवाकर उनमें सवारियों को बिठाने वाले ट्रैफिक कर्मचारियों खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जिक्रयोग है कि शहर की आबादी देखते हुए राज्य सरकार की ओर से जीरकपुर में करोड़ों रुपये की लागत से बस टर्मिनल तैयार किया गया, ताकि लोग आराम से बस ले सकें। 
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक कर्मचारी निजी ट्रांसपोर्टरों के साथ सांठगांठ करके निजी आपरेटरों की बसों को हाईवे पर खड़ा करा देते हैं। इतना ही नहीं, यह कर्मचारी निजी बस आपरेटरों के लिए सवारियां तक दिलाने का इंतजाम कराते दिखाई देते हैं। दूसरी ओर, सरकारी बस जब बस टर्मिनल के अंदर पहुंचती है तो उसे खाली ही वापस मुड़ना पड़ता है। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित शहर जीरकपुर में कुल 3 जगहों पर निजी बसों को खड़ा होने के लिए ट्रैफिक पुलिस जगह मुहैया कराती है। पहली जगह है बस स्टैंड के बाहर स्थित कालका चौक। दूसरा पटियाला चौक और जीरकपुर-पटियाला हाईवे है। 
विज्ञापन


ऐसे करते हैं ट्रैफिक पुलिस मदद
कालका चौक पर सिंडीकेट नामक कंपनी की एक बस हर समय खड़ी रहती है, जिसको हटाने की बजॉय ट्रैफिक कर्मचारी आवाजें मार-मारकर सवारियों को उन बसों के अंदर बैठने के लिए इशारा करते हैं। यही हाल पटियाला चौक लाइट प्वाइंट के दोनों तरफ है, जहां पर स्थित लाइंट प्वाइंट के बीच बसों के रुकने के बाद लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। यही नहीं पटियाला चौक पर सवारी बैठाने के लिए निजी बस चालक ट्रैफिक सिग्नल तक तोड़ देते हैं, पर निजी बसों को देख ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी अपनी आंखें मूंद लेते हैं। खास बात यह भी है कि निजी बसों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी बसों को दूसरे रूट पर मोड़ दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रैफिक इंचार्ज गुरदीप सिंह ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो वह मामले की खुद जांच करेंगे।

बस स्टैंड के ठीक बाहर ट्रैफिक कर्मचारियों की मिजी भगत से चलने वाले इस गोरखधंधे से सरकारी ट्रांसपोर्ट को नुकसान हो रहा है। इसकी शिकायत विभाग की ओर से पहले ही एसपी ट्रैफिक मोहाली को लिखित में भेजी जा चुकी है।
- प्रवीन कुमार, मैनेजर, पीआरटीसी, जीरकपुर बस टर्मिनल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed