फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   traffic police_bericade_challan_chandigarh

सड़क पर नाका लगा काटने लगे चालान

Tue, 17 Dec 2013 12:40 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 17 Dec 2013 12:40 PM IST
विज्ञापन
traffic police_bericade_challan_chandigarh
जनमार्ग और उद्योग पथ पर सोमवार दोपहर को पुलिस ने सड़क के बीचोबीच बेरकेड्स लगाकर चालान काटे। इससे सड़क पर जाम जैसी स्थिति भी बन गई।
विज्ञापन


अकेले जनमार्ग पर ही तीन घंटे में लेन फालो न करने के लिए करीब सौ वाहन चालकों के चालान काटे गए।

ट्रैफिक पुलिस पिछले सप्ताह से रोज तीन घंटे के लिए सड़क के बीचो बीच बेरीकेड्स लगा रही है। सोमवार को सोमवार को जनमार्ग पर सेक्टर-17 के आरबीआई बैंक के पिछली ओर नाका लगाया गया। वाहनों को रोकने के लिए अस्थाई स्पीड ब्रेकर भी लगाए गए।

यहां ज्यादातर चालान उन लोगों के हुए जो येलो लाइन की लेन में दोपहिया या कार दौड़ा रहे थे। यह लेन बसों, टैक्सियों के लिए है। बेरीकेड्स लगने से यहां जाम की सी स्थिति रही।
विज्ञापन


व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि शहर के व्यस्त मार्गों पर सड़क के बीचो-बीच दिन में बेरीकेड्स नहीं लगाए जाने चाहिए। लेनिंग सिस्टम के बारे में तो अभी तक लोगों को जागरूक भी नहीं किया गया है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


सेक्टर-15 निवासी मनु दूबे का कहना है कि पूरे शहर में ट्रैफिक पुलिस की ओर से सिर्फ चालान पर जोर दिया जा रहा है। सोमवार को लगाए गए नाके के दौरान पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के एक वकील को भी रोका गया लेकिन उन्हें भी इस सिस्टम की जानकारी नहीं थी, इसके साथ ही हरियाणा का एक रिटायर अधिकारी भी नाके पर काफी मिन्नते करते हुए दिखाई दिए।
एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक लेनिंग सिस्टम को लागू किया जा रहा है। इसीलिए जनमार्ग पर नाका लगाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed