किसान मार्च: चंडीगढ़ की सीमाएं सील, सात घंटे भीषण जाम, चार किमी लंबी वाहनों की कतार
- तीन घंटे सुबह और चार घंटे शाम को परेशान हुए हजारों लोग
- शिमला-दिल्ली जाने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत
- शाम को दफ्तरों से लौट रहे लोगों को घर पहुंचने में हुई परेशानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिअद के आंदोलन के कारण जीरकपुर में पहली बार ऐसा जाम लगा कि लोग बेहाल हो उठे। सात घंटे तक अंबाला हाईवे पर हजारों लोग जाम में फंसे रहे। दिल्ली और शिमला की ओर जाने वालों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। किसान कानूनों के विरोध में शिअद समेत किसान जत्थेबंदियों ने आंदोलन की घोषणा की थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर को 12 बजे राज्यपाल को ज्ञापन देने आना था।
रास्ते में जगह-जगह किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के कारण उनका काफिला जीरकपुर रात 8.20 बजे पहुंचा। इससे पहले ही पुलिस ने जीरकपुर से चंडीगढ़ और पंचकूला की ओर जाने वाली सड़कों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया। इससे यहां लंबा जाम लग गया। बदले हुए रास्ते की जानकारी देने के लिए पुलिसकर्मी नहीं खड़े किए गए थे। ऐसे में लोग जिधर भी जाते रास्ता बंद मिलता। वहीं हाईवे पर शाम को करीब चार किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। हजारों लोग इसमें फंसे रहे।
सुबह 9 बजे से ही डेराबस्सी, लालड़ू और जीरकपुर में जाम लगना शुरू हो गया था। रास्ते बंद होने के चलते पूरे दिन लोग इस भ्रम में रहे कि कौन सी सड़क से जाएं। क्योंकि उन्हें ये जानकारी नहीं थी कि किस सड़क से होकर उन्हें जीरकपुर के रास्ते चंडीगढ़ और पंचकूला जाना है। इसके अलावा उन्हें रास्ता बताने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी नहीं लगाई थी।
तीन घंटे सुबह और शाम को चार घंटे जाम में फंसे रहे लोग...
सुबह करीब 9 से दोपहर एक बजे तक जीरकपुर में ट्रैफिक जाम रहा। पटियाला रोड से लेकर चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर वाहनों का तांता लगा रहा। दोपहर में चंडीगढ़ से वाहनों का प्रवेश बंद होने से कुछ राहत मिली। लेकिन शाम को जब नौकरी पेशावाले अपने घर लौटने लगे तो करीब 6 बजे जीरकपुर-पंचकूला बार्डर से होते हुए ढकोली को जाने वाली गाजीपुर रोड पर करीब तीन किमी लंबा जाम लग गया।
असल में ‘के’ एरिया और सिंघपुरा से वाया नगला यातायात को बदला गया था। इस कारण दिल्ली से शिमला जाने वाले ट्रैफिक को भी शाम के समय करीब ढाई से तीन घंटे तक जाम का सामना करना पड़ा। यही हाल पूरे बलटाना के बाजार का रहा। यहां इतना जाम लगा था कि बाजार से लोग पैदल तक नहीं निकल पा रहे थे।
राम रहीम की पेशी का दिन छोड़, 10 साल में कभी नहीं लगा ऐसा जाम
जीरकपुर के लोगों का कहना था कि ऐसा जाम उन्होंने 10 साल में तो नहीं देखा। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम की पेशी के दिन जरूर लंबा जाम लगा था। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक पुलिस की लचर कार्यप्रणाली रही। शाम को जब लोग अपने काम से घर लौटे तो उन्हें हर तरफ बैरिकेडिंग लगी मिली। उनका मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं था। ऐसे में यातायात बढ़ता गया। जीरकपुर, ढकोली, बलटाना और पीरमुछल्ला सहित पंचकूला हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
ऐसे किया रूट डायर्ट ....
- अंबाला के रास्ते डेराबस्सी होते हुए चंडीगढ़ जाने वालों को एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से मोहाली के रास्ते भेजा गया।
- अंबाला के रास्ते जीरकपुर होते हुए पंचकूला आने वाली ट्रैफिक को सिंघपुरा लाइट प्वाइंट से गाजीपुर रोड होते निकाला गया।
- लोकल ट्रैफिक को मेट्रो से वीआईपी रोड होते हुए पटियाला रोड पर निकाला गया।
- पंचकूला और हिमाचल से दिल्ली मार्ग पर जाने वालों को ढकोली से गाजीपुर रोड होते हुए वाया डेराबस्सी भेजा गया।
- दिल्ली से पंचकूला और हिमाचल को जाने वाली ट्रैफिक को सिंहपुरा लाइट प्वाइंट से नगला रोड होते हुए निकाला गया।