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किसान आंदोलन की मार : चार माह से पंजाब के टोल पर किसानों का कब्जा, सरकार से भरपाई की मांग 

Fri, 09 Apr 2021 11:54 AM IST
निवेदिता वर्मा हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 09 Apr 2021 11:54 AM IST
सार

  • पंजाब में टोल प्लाजाओं से जुड़ी कंपनियों ने राज्य सरकार को पत्र लिखा 
  • पुलिस सुरक्षा में टोल प्लाजा खुलवाने की मांग
  • टोल नहीं खुलवा सकते तो मुआवजा दे सरकार

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Toll Plaza Management companies wrote punjab government to remove farmers from toll in Punjab
पंजाब के किसान आंदोलन के कारण टोल प्लाजा बंद हैं। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब में किसानों के धरने के कारण चार माह से भी अधिक समय से बंद पड़े टोल प्लाजा से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। राज्य के भीतर अनेक स्टेट हाईवे पर टोल प्लाजा संभाल रही कंपनियों ने भी अब राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि पुलिस की देखरेख में टोल प्लाजा खुलवाए जाएं। कंपनियों ने सरकार को यहां तक कह दिया है कि अगर टोल प्लाजा नहीं खुलवाए जा सकते तो सरकार उन्हें हो रहे घाटे की भरपाई करे। 

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तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चार महीने से भी अधिक समय से किसान आंदोलन जारी है। पंजाब के सभी टोल प्लाजा पर भी किसानों ने धरना लगाकर टोल वसूली रोकी हुई है। हाल ही में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि टोल वसूली बंद होने से उसे 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है और इसी कारण राज्य में अनेक सड़क प्रोजेक्टों को शुरू करने में भी दिक्कत आ रही है। 

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सरकार से रेवेन्यू शार्टफाल लोन (राजस्व घाटा कर्ज) मुहैया करवाने की मांग  

अब प्रदेश में टोल प्लाजा चला रही दो कंपनियों- रोहन राजदीप टोलवेज लिमिटेड और अटलांटा रोपड़ टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि किसान आंदोलन के कारण कई महीनों से बंद पड़े टोल प्लाजा के कारण उन्हें जो वित्तीय नुकसान हो रहा है, सरकार उसकी भरपाई के लिए मुआवजा दे। अगर सरकार मुआवजा नहीं दे सकती तो कंपनियों को रेवेन्यू शार्टफाल लोन (राजस्व घाटा कर्ज) मुहैया कराए। 

बैंक कर्ज नहीं चुका पा रही कंपनियां
दोनों कंपनियों की ओर से राज्य के लोक निर्माण मंत्री के नाम भेजे गए पत्रों में कहा गया है कि किसानों ने टोल वसूली पर रोक लगा रखी है। इसकी वजह से कंपनियों के लिए अपने बैंक कर्ज चुका पाना संभव नहीं रह गया। बैंक भी कर्ज की अदायगी में कंपनियों को कोई राहत देने को तैयार नहीं हैं।

पत्रों में कंपनियों की ओर से यह दावा भी किया गया है कि टोल वसूली नहीं होने के बावजूद कंपनियां अपने स्तर पर बलाचौर-होशियारपुर-दसूहा, पटियाला-समाना-पातड़ां, दाखा-रायकोट-बरनाला, किरतपुर साहिब-आनंदपुर साहिब-उना, जगराओं-नकोदर, रोपड़-चमकौर साहिब-नीलों दोराहा और मोरिंडा-कुराली-सिसवां टोल मार्गों के रखरखाव का काम कर रही हैं। फिर भी, इन मार्गों पर मरम्मत के बड़े काम फिलहाल नहीं हो पा रहे। पत्रों में कंपनियों ने सरकार से मांग की है कि राज्य में पुलिस की मदद से टोल प्लाजाओं पर टोल वसूली शुरू करवाई जाए।
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