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नई सरकार का इस चुनौती से होगा सबसे पहले सामना

Mon, 06 Feb 2017 08:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 06 Feb 2017 08:39 PM IST
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to demolish drug rackets and drug smuggling will be first challange for new govt of punjab
पंजाब विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
सरकार बनने पर हम ये करेंगे, हम वो करेंगे। ऐसे बड़े-बड़े दावे हर पार्टी ने किए, लेकिन नए 'सरदार' का सामना सबसे पहले एक बहुत बड़ी चुनौती से होगा। इस बार पंजाब के विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने नशे के खात्मे को लेकर बड़े-बड़े दावे किए।
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इसलिए सत्ता में आने वाली सरकार के लिए वादे पर खरा उतरने की चुनौती होगी। दिलचस्प है कि नवनिर्वाचित सरकार को पहला फैसला भी शराब पर ही लेना होगा, क्योंकि मार्च में ही नई एक्साइज पॉलिसी बनानी पड़ेगी। विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 मार्च को आएंगे।
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उसके बाद शपथ ग्रहण के साथ ही सरकार का गठन होगा। इसके बाद वित्तीय वर्ष खत्म होने में बहुत कम समय रह जाएगा। इसलिए नई सरकार को सबसे पहले एक्साइज पॉलिसी पर ही फैसला लेना होगा। पिछले साल की एक्साइज पॉलिसी विवादों में रही।
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सरकार की सबसे ज्यादा किरकिरी एल-1-ए सुपर होलसेलर शराब लाइसेंस को लेकर हुई। एक शराब ठेकेदार की याचिका पर हाईकोर्ट ने इसके खिलाफ फैसला दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट में सरकार की हार हुई।

पिछले साल शराब कारोबार में काफी घाटा हुआ था

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पंजाब विधानसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
बैच के लेबल पास न किए जाने के कारण ठेकेदारों के पास माल ही नहीं रहा। इसके चलते कारोबार काफी घाटे में चल रहा है। ठेकेदारों पर छह सौ करोड़ बकाया है। सरकार ने इस वित्त वर्ष में 5440 करोड़ राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा है।

नई एक्साइज पॉलिसी में सरकार को काफी सुधार करना पड़ेगा। इसके साथ-साथ नेशनल और स्टेट हाईवे पर चल रहे ठेके हटाना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगा। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 31 मार्च के बाद हाईवे पर न तो कोई नया ठेका खुलेगा। न ही पुराने ठेके रिन्यू होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे से पांच सौ मीटर दूर की शर्त रखी है। जहां गांव शुरू हो जाते हैं। शराब कारोबारियों की आशंका है कि इस शर्त के चलते इस बार सारे ठेके नीलाम ही नहीं होंगे, क्योंकि पंजाब के बारह हजार शराब ठेकों में से बड़ी संख्या में स्टेट हाईवे पर हैं। आमतौर पर ठेकों की अलॉटमेंट का काम 25 मार्च तक हो जाता है, लेकिन इस बार चुनाव के चलते एक्साइज विभाग अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं कर सका है।
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