अच्छी खबर: जालंधर में तीन लोगों ने कोरोना को दी मात, लुधियाना में भी महिला की रिपोर्ट आई निगेटिव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालंधर में कोरोना की दहशत के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर से लोगों को सुकून मिला। मृतक बलदेव सिंह के तीन रिश्तेदारों ने कोरोना से जंग जीत ली है और तीनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। तीनों लोग गांव विरका के रहने वाले हैं। यह सभी लोग कोरोना वायरस से दम तोड़ने वाले बलदेव सिंह के संपर्क में आने के बाद संक्रमित हुए थे।
20 मार्च को इन्हें फिल्लौर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनके सैंपल जांच में पता चला कि ये सभी कोरोना पॉजिटव हैं। इसके बाद सभी को 24 मार्च को जालंधर के सिविल अस्पताल भेजा गया। ये सभी लोग यहां आइसोलेट रहे और उनके सैंपल दोबारा अमृतसर मेडिकल कॉलेज भेजे गए। अब ये सभी जांच में कोरोना निगेटिव मिले है।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कश्मीरी लाल की अगुवाई में तीनों मरीजों का 14 दिन तक सिविल अस्पताल में इलाज चला। उनके सैंपल छह अप्रैल को अमृतसर मेडिकल कॉलेज भेजे गए। जहां ये सभी सैंपल नेगेटिव मिले। दोबारा पुष्टि के लिए सात अप्रैल को फिर सैंपल भेजे गए। दोबारा भी जांच में निगेटिव मिले। इसके बाद उन्हें बुधवार को सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ. कश्मीरी लाल व नोडल अधिकारी डॉ. टीपी सिंह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में यह एक बड़ी सकारात्मक खबर है। अधिकारियों ने मरीजों की सेवा में लगे डॉक्टरों और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ की सराहना की। अब सिविल अस्पताल जालंधर में कोरोना के तीन पॉजिटिव मरीज हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
तीनों गांव विरका के रहने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गांव के सभी लोगों को क्वारंटीन और सील कर दिया था। इस परिवार के संपर्क में आने वाले एक अन्य युवक कोरोना पॉजिटिव मिला था। इसके बाद से विरका या आसपास के इलाके में कोरोना का कोई अन्य केस अभी सामने नहीं आया है।
राहत: लुधियाना की पहली कोरोना पीड़िता का दूसरा टेस्ट निगेटिव
लुधियाना निवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गुरदेव नगर निवासी पहली कोरोना पीड़ित महिला का दूसरा टेस्ट निगेटिव आया है। उक्त महिला का उपचार डीएमसी अस्पताल में चल रहा है। इस खबर से पीड़िता के परिजनों के अलावा शहर निवासियों ने राहत की सांस ली है। उन्हें अस्पताल से कब छुट्टी दी गई जाएगी, अभी इसका फैसला नहीं लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि 24 मार्च को लुधियाना के गुरदेव नगर निवासी 54 वर्षीय महिला कोरोना से पीड़ित मिली थी। शहर का पहला केस होने के चलते जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था, क्योंकि कोई यात्रा इतिहास भी नहीं मिला था। एक कारोबारी घराने से होने के चलते इस मामले से और भी दहशत का माहौल बन गया था। पीड़िता का इलाज पहले से डीएमसी अस्पताल में चल रहा था।